महाराष्ट्र के बीड जिले में संतोष देशमुख हत्या मामले में मंत्री धनंजय मुंडे के करीबी वाल्मिक कराड को 14 दिन की पुलिस हिरासत में रखा गया है. कराड को बीड शहर पुलिस स्टेशन में रखा गया है, जहां उनकी कथित राजनीतिक पहुंच के कारण सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
हालांकि, विवाद तब खड़ा हुआ जब कोरेगांव के सरपंच और धनंजय मुंडे के समर्थक बालाजी तांडले कथित तौर पर सीआईडी अधिकारियों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचे. उस समय संतोष देशमुख के भाई धनंजय देशमुख पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन में मौजूद थे. इस घटना के बाद देशमुख ने बीड जिले के पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दर्ज कराई.
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तांडले की सफाई और आरोप
इंडिया टुडे की जांच में पुष्टि हुई कि पुलिस स्टेशन में प्रवेश करने वाला व्यक्ति बालाजी तांडले ही थे. तांडले ने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्हें सीआईडी अधिकारियों द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया था और वे उनके वाहन में पुलिस स्टेशन पहुंचे. हालांकि, धनंजय देशमुख ने आरोप लगाया कि तांडले ने हिरासत में रखे गए कराड और अन्य आरोपियों के बीच बैठक की व्यवस्था की. इस दावे ने राजनीतिक विवाद को और भड़का दिया.
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने इस घटना की निंदा करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में जांच अधिकारियों पर स्थानीय नेताओं से मिलीभगत का आरोप लगाया. आव्हाड ने धनंजय मुंडे से मंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की. उनका मानना है कि जांच पारदर्शी नहीं हो रही है. वहीं, बीड के विधायक सुरेश धस ने भी जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए. उन्होंने बालाजी तांडले की इस मामले में संलिप्तता की गहन जांच की मांग की.