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बिहार में कोरोना टीका पर बोली शिवसेना- बाकी राज्य पाक में हैं क्या? या पुतिन देंगे वैक्सीन

बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने मतदाताओं को लुभाने के लिए कोरोना का टीका आ जाने पर पूरे राज्य के लोगों को मुफ्त में उपलब्ध कराने का वादा किया है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सामना में लिखे संपादकीय में साधा निशाना
  • कोरोना काल में हो रही रैलियों पर भी तंज
  • मुफ्त टीका सिर्फ बिहार को क्यों? किया सवाल

बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मतदाताओं को लुभाने के लिए कोरोना का टीका आ जाने पर पूरे राज्य के लोगों को मुफ्त में उपलब्ध कराने का वादा किया है. अब उसे लेकर देश में राजनीतिक माहौल गर्माता नजर आ रहा है. इस बाबत शिवसेना ने मुखपत्र सामना में बीजेपी पर निशाना साधा है.

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शिवसेना ने सामना में कहा है कि बीजेपी की असली नीति क्या है? उनका दिशा-दर्शक कौन है? इस बारे में थोड़ा भ्रम का माहौल बना दिख रहा है. दो दिन पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने जनता को आश्वासन दिया था कि सरकार प्रयास करेगी कि कोरोना का टीका आते ही उसे देश के सभी लोगों तक पहुंचाया जाए. प्रधानमंत्री टीके का वितरण करते समय कहीं भी जाति, धर्म, प्रांत, राजनीति बीच में नहीं लाए.

शिवसेना ने सामना में बीजेपी के घोषणा पत्र में पहले नंबर पर यह वादा होने का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री पर भी निशाना साधा है और इसे विचित्र बताया है. शिवसेना ने यह सवाल भी किया है कि जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं है, वे राज्य क्या पाकिस्तान में हैं? या इन राज्यों को कोरोना का टीका पुतिन देंगे.

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शिवसेना ने सामना के संपादकीय में कोरोना काल में हो रही चुनावी रैलियों को लेकर भी तंज किया है. शिवसेना ने कहा है कि नेताओं के हेलीकॉप्टर उड़ रहे हैं और प्रचंड भीड़ उमड़ रही है. इस भीड़ में हो सकता है कि कोरोना की दबकर मौत हो जाए और राजनीतिक क्रांति हो जाए. संपादकीय में बीजेपी पर तंज करते हुए कहा गया कि बिहार में जो निर्णय आना होगा, वह आएगा लेकिन बीजेपी ने लोगों के मन में कोरोना का डर बढ़ाकर मुफ्त टीके की सुई लगाने का ‘फोकट’ उद्योग शुरू किया है.

 

मुफ्त टीका सिर्फ बिहार को क्यों

शिवसेना ने संपादकीय में कहा है कि सत्ता पाने के लिए और मतदाताओं को बहलाने के लिए नैतिकता वाली पार्टी कौन से निचले स्तर तक जा सकती है, अब पता चल गया. मुफ्त में टीका सिर्फ बिहार को ही क्यों? पूरे देश को क्यों नहीं? पूरे देश में कोरोना ने तांडव मचाया है. यह आंकड़ा 75 लाख से ज्यादा तक पहुंच चुका है. लोग रोज अपनी जान गंवा रहे हैं. ऐसे में एक ऐसे राज्य में जहां विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, वहां इस प्रकार की राजनीति होना दुखद है.

सामना में कहा गया कि बिहार के चुनाव से विकास गुम हो चुका है. पूरे देश में कोरोना के टीके की आवश्यकता है. टीके की खोज तीसरे चरण में पहुंच चुकी है, लेकिन टीका पहले बिहार में बीजेपी को मतदान करनेवालों को मिलेगा, लेकिन मान लीजिए कि बिहार में सत्ता बदल गई तो बीजेपी बिहार को टीका नहीं देगी क्या? कई राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं है.

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उनको भी टीका देने के मामले में केंद्र सरकार हाथ ऊपर कर लेगी क्या? विरोधी दल के एकाध विधायक को कोरोना हो गया तो बीजेपी की ओर से कहा जाएगा कि टीका लगाना होगा तो पहले अपनी पार्टी बदल लो, नहीं तो चिल्लाते बैठो.

 

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