महाराष्ट्र के अकोला जिले के पिंजर गांव में 19 दिसंबर को 7 साल का अफ्फान शेख खेलने गया था. इसके बाद वह कभी घर नहीं लौटा. परिजनों ने उसे हर जगह तलाशा, लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली. इसके बाद पिंजर पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई.
वारदात के करीब 12 दिन बाद गांव के पास एक कुएं में बच्चे की लाश तैरती दिखाई दी. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने लाश को बाहर निकालवाया, तो पता चला कि वह लाश 7 साल के अफ्फान शेख की ही है. इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि इस घटना के पीछे किसी की साजिश है. पुलिस ने ऐसे जटिल अपराध को सॉल्व करने के लिए टेक्निकल एविडेंस जुटाने शुरू कर दिए. इसके साथ-साथ पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का भी इंतजार किया. रिपोर्ट में पता चला कि बच्चे की गला रेतकर हत्या की गई थी और उसके बाद शव को कुएं में फेंक दिया गया था.
पुलिस ने शक के आधार पर अफ्फान के 17 साल के नाबालिक चचेरे भाई को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की. शुरू में तो उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की. लेकिन बाद में वह टूट गया और कुबूल कर लिया कि उसी ने घटना को अंजाम दिया है.
अकोला के क्राइम ब्रांच के अधिकारी शंकर शेलके ने इस वारदात के बारे में आजतक को बताया. उन्होंने कहा कि अफ्फान और उसका चचेरा भाई गांव के पास एक खोली में कबूतर पकड़ने के लिए गए थे. अफ्फान को उसके चचेरे भाई ने बोरा दिया. इसके बाद उसे खिड़की के पास खड़ा करके कहा कि जैसे ही कबूतर आएं, वह बोरा उन पर डाल दे.
मगर अफ्फान ठीक से बोरा नहीं पकड़ पाया. इसकी वजह से सारे कबूतर उड़ गए. बस इसी गुस्से में उसने खिड़की में ही अफ्फान का गला रेत दिया और उसे कुएं में धकेल दिया. इसकी वजह से उसकी मौत हो गई. अब पुलिस नाबालिग को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है.