बंगाल और ओडिशा में चक्रवाती तूफान अम्फान के बाद महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों में निसर्ग चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो गया है. इससे उठने वाला चक्रवाती तूफान निसर्ग 3 जून तक महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में हरिहरेश्वर और दमन के बीच उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों से टकरा सकता है.
मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर पर बना कम दबाव का क्षेत्र मुंबई की ओर बढ़ रहा रहा है, इसकी गति 11 किलोमीटर प्रति घंटा है. लेकिन इसके तूफान में बदलते ही हवा की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है. अभी यह मुंबई से 430 किमी दूर है. गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों को खाली कराया जा रहा है. एनडीआरएफ की टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही हैं. तूफान की हलचल के चलते मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है.
Maharashtra:National Disaster Response Force team has been deployed in Palghar in view of #CycloneNisarga.An NDRF official says,"We'll be evacuating people from coastal areas of about 13 villages&are prepared to carry out the operation while following social distancing norms". pic.twitter.com/9q1hOFvmHK
— ANI (@ANI) June 2, 2020
गुजराज और महाराष्ट्र में कोस्ट गार्ड और एनडीआरएफ अलर्ट मोड में हैं. मछुआरों को चेतावनी जारी की गई है कि वो समंदर तटों के पास ना जाएं. साथ ही लोगों को घरों से बाहर ना निकलने की सलाह दी जा रही है. मौसम विभाग ने दोनों ही सूबों में 48 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. महाराष्ट्र और गुजरात सरकार ने चक्रवात निसर्ग (Cyclone Nisarga) को देखते हुए तटीय इलाकों में NDRF की टीमों को तैनात कर दिया है.
Deep Depression to intensify into Cyclonic Storm during next 6 hours. To cross north Maharashtra and adjoining south Gujarat coast between Harihareshwar and Daman, close to Alibag (Raigad District, Maharashtra) during the afternoon of 03rd June. https://t.co/rXRAo26pyF pic.twitter.com/lOJUD8FMFP
— IMD Weather (@IMDWeather) June 2, 2020
दोनों ही राज्यों में एनडीआरएफ की टीमें तूफान के खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं. महाराष्ट्र में एनडीआरएफ की 15 टीमों को तैनात किया गया है, जिसमें मुंबई में 3 टीमें और पालघर में 2 टीमों को तैनात किया गया है. जबकि रायगढ़ में 2 टीमों की तैनाती की गई है. वहीं, ठाणे, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग और नवी मुंबई में NDRF की एक-एक टीम तैनात की गई है. इसके अलावा 4 टीमों को स्टैंड बाई पर रखा गया है.
मुंबई में NDRF की टीमें अलर्ट (फोटो-विद्या)
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक बयान में कहा कि अरब सागर में विकसित हो रहे चक्रवाती तूफान के मद्देनजर मुंबई शहर, मुंबई उपनगरीय जिले, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में अलर्ट जारी किया गया है.
Preparedness for #NisargaCyclone pic.twitter.com/3S8mw7u6Ml
— Uddhav Thackeray (@uddhavthackeray) June 2, 2020
इसके अलावा गुजरात में निसर्ग चक्रवाती तूफान (Cyclone Nisarga) की आशंका के चलते भावनगर और अमरेली सहित तटीय जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. तटीय इलाकों में NDRF की 10 टीमों और SDRF की 5 टीमों को तैनात किया गया है. वहीं, कुछ टीमों को स्टैंडबाई पर अलर्ट रखा गया है. एनडीआरएफ की टीमें स्थानीय अधिकारियों के साथ इन जिलों के तटीय इलाकों में सर्वेक्षण कर रही हैं.
सूरत जिले के 32 गावों में अलर्ट जारी
निसर्ग चक्रवात को लेकर सूरत में अलर्ट जारी है और NDRF की टीमें किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. सूरत के समंदर तटीय 32 गावों को अलर्ट किया गया है. वहीं, मछुआरों को 4 जून तक समंदर की ओर ना जाने का आदेश दिया गया है. सूरत के डुम्मस, डभारी और सुवाली बीच को भी बंद कर दिया गया है.
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लोगों को दी जा रही है ये सलाह
महाराष्ट्र और गुजरात में प्रशासन ने मछुआरों को नावों को समंदर किनारे पर बांधने की सलाह दी है, जिससे किसी प्रकार का नुकसान ना हो. साथ ही कहा है कि अगले आदेश तक किसी भी मछुआरे को समंदर किनारे जाने की अनुमति नहीं है.
Mumbai: Fishermen return from the sea as they have been cautioned by the authorities not to venture out at sea, in view of impending adverse weather; Visuals from Mahim Beach. #CycloneNisarga pic.twitter.com/Kw5xR7bSrF
— ANI (@ANI) June 2, 2020
समंदर किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया है. इसके अलावा घरेलू पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर लेकर जाने की सलाह दी गई है. लोगों से कहा जा रहा है कि बिजली के खंभे या पेड़ों के पास खड़े न हों क्योंकि वो गिरकर नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके अलावा किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने की सलाह दी जा रही है.
Gujarat: NDRF and police evacuate people from Mendhar and Bhat villages of Navsari district in view of #CycloneNisarga pic.twitter.com/K8coGV4cCF
— ANI (@ANI) June 2, 2020
निसर्ग तूफान की सैटेलाइट द्वारा ली गई तस्वीर(फोटो-PTI)
महाराष्ट्र-गुजरात में 3 जून को टकरा सकता है चक्रवात
बता दें कि मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी-मध्य अरब सागर में बन रहा दबाव 11 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर आगे बढ़ रहा है. जो मुंबई से करीब 450 किलोमीटर दूर है. तूफान का मुंबई और पालघर पर ज्यादा असर पड़ने की आशंका है. मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने के बाद हरिहरेश्वर (रायगढ़, महाराष्ट्र) और दमन के बीच उत्तर महाराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के तटों से 3 जून की शाम या रात तक निसर्ग चक्रवात टकरा सकता है.
गोवा में भी दिखने लगा निसर्ग चक्रवात का असर भारी बारिश
गुजरात और महाराष्ट्र में निसर्ग चक्रवात के अलर्ट के बीच गोवा में भी बारिश शुरू हो गई है. मौसम विभाग का अनुमान है कि चक्रवात के असर से तटीय इलाकों में तेज हवा के साथ भारी बारिश जारी रहेगी.
Heavy rains and strong winds hit #Goa's capital Panaji. pic.twitter.com/I7h49gMLjD
— ANI (@ANI) June 2, 2020
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तरी और दक्षिण गोवा जिलों के कई हिस्सों में भारी बारिश होने और 45 से लेकर 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान जताया है. इस खतरे को देखते हुए गोवा में लोगों को अगले दो दिनों में समंदर तटों पर नहीं जाने की सलाह दी गई है.