भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य के लोग मुंबई से अहमदाबाद बुलेट ट्रेन चाहते थे लेकिन शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस की महा विकास अघाड़ी सरकार ऐसा नहीं चाहती थी.
पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने यह भी कहा कि केंद्र की महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना से महाराष्ट्र में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश होता.
उन्होंने आगे कहा, 'अब, कोरोना वायरस महामारी के बाद, महाराष्ट्र के लोगों को इससे कितना फायदा होता? उपयोग की जाने वाली सभी सामग्री महाराष्ट्र से होती. नई नौकरियों का निर्माण होता. केवल महाराष्ट्र और महाराष्ट्र के लोगों को ही इसका लाभ मिलता. उन्होंने दावा करते हुए कहा कि लोग बुलेट ट्रेन चाहते हैं. यह सरकार महाराष्ट्र के लोगों के खिलाफ है.
बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने आज उद्धव ठाकरे सरकार की कोविड-19 महामारी के हैंडल करने के तरीके, 2022 में होने वाले मुंबई नगरपालिका चुनाव, और अभी-अभी खत्म हुए बिहार चुनाव समेत कई मुद्दों पर बात की. फडणवीस बिहार में बीजेपी के प्रभारी थे.
महाराष्ट्र में मामले क्यों बढ़ेः फडणवीस
महाराष्ट्र सरकार के कोरोना महामारी से निपटने के बारे में, देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'मैं उन लोगों की रणनीति पर सवाल उठाता हूं जो अब अपनी पीठ थपथपा रहे हैं. मुंबई और महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मामले क्यों हुए? मुंबई में सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं. इसके लिए कौन जिम्मेदार है? अभी पूरे देश में हर जगह केस में गिरावट है लेकिन महाराष्ट्र में अभी तक नहीं.'
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हमने कोरोना वायरस के कारण महाराष्ट्र में बेहद दुखद स्थिति देखी है. कोरोना वायरस के नाम पर बहुत भ्रष्टाचार हुआ. वे कोरोना वायरस के बारे में चिंतित नहीं थे, लेकिन सभी इस बात से चिंतित रहे कि किसको करार मिलता है. यह सब मुंबई में हुआ. उन्होंने आगे कहा कि कई राज्यों ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अलग-अलग पैकेज दिए, यह सिर्फ महाराष्ट्र है जिसने एक भी पैकेज नहीं दिया.
मुंबई के नागरिक निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'इस बार बीएमसी चुनावों में, यह बीजेपी का झंडा होगा. इस बार बीएमसी चुनाव 2022 में यहां भगवा ध्वज लहराएगा, लेकिन यह बीजेपी का भगवा ध्वज होगा.'
'केंद्र की मदद क्यों नहीं ली'
देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के लोगों द्वारा महंगी बिजली बिलों की शिकायतों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, 'लोगों बिजली बिलों के नाम पर लूटा गया. किसी को राहत नहीं मिली. यह एक भ्रष्ट सरकार है.' उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी. राज्य सरकार ने इसे क्यों नहीं लिया? किसानों, टैक्सी वाले, ऑटो वाले और किसी को कोई मदद नहीं मिली. आम लोगों को बिजली के बिलों पर चार अलग-अलग एजेंटों के फोन आए.
चर्चित मुंबई मेट्रो कार शेड का मामला जो बीजेपी और उसके पूर्व सहयोगी शिवसेना के बीच विवाद की वजह बनकर उभरा, इस पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'मेट्रो के काम की हालत देखिए. वे सिर्फ टाइम-पास कर रहे हैं. आरे का फैसला पृथ्वीराज चव्हाण ने लिया था जब वह बस छोड़ने वाले थे. यह उनकी सरकार का फैसला था.
देखें: आजतक LIVE TV
उन्होंने कहा कि कार शेड के लिए, बहुत से लोग इसके खिलाफ थे. हमने तुरंत काम रोक दिया और सरकार बनाई. फिर समिति ने एक विकल्प दिया. मैंने मामले को सुलझाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायाधीश ने अदालत में 2,600 करोड़ रुपये जमा करने की बात कही. नौ महीने तक वहां रुकना पड़ा. हमारे समय में, 45 फीसदी काम पहले ही हो चुका था. अब, उनकी सरकार ने एक समिति बनाई और उसने क्या कहा? ज्यादा पैसा और दो साल सिर्फ कांजुरमार्ग में जमीन को स्थिर करने के लिए.
हाल ही में खत्म हुए बिहार विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जीत के नायकों में से एक, देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बिहार में, हम जीत गए. इसका मतलब मोदी जी द्वारा दी गई योजनाओं से बिहार के आम लोगों को फायदा हुआ. हम मणिपुर में जीते, हम गुजरात में जीते, हम तेलंगाना में जीते. उन्होंने ठाकरे सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान, सभी मंत्री लोगों की सेवा करने में व्यस्त थे. और यहां (महाराष्ट्र में), वे मोदी जी की आलोचना करने में बिजी थे.