देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले चुके हैं. उन्होंने सीएम पद की शपथ लेने के बाद शुक्रवार को अपने पहले एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कई मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी.
फडणवीस ने आज तक को दिए इंटरव्यू में बताया कि वह आखिर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कैसे चुने गए? उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में हमारे गठबंधन को निर्णायक जीत मिली थी. इसका पूरा श्रेय महाराष्ट्र की जनता को जाता है. उन्होंने निर्णायक जनादेश दिया. लेकिन हमारी पहली बैठक में ही एकनाथ शिंदे ने इसे मान लिया था कि मुख्यमंत्री बीजेपी से ही होगा.
एक हैं तो सेफ हैं ने पलटी बाजी!
सीएम फडणवीस ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने 'एक हैं तो सेफ हैं' का नारा दिया था. इससे बहुत लाभ हुआ. यहां जो विभाजन की राजनीति चल रही थी, लोगों ने उसे नकार दिया था. हमने लाडकी बहिण, निशुल्क बिजली और शिक्षा जैसी योजनाओं से भी फायदा हुआ. इस वजह से बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. लोगों के मन में एक टीस थी, लेकिन एक है तो सेफ हैं नारे ने लोगों को उम्मीदें दी.
'एक हैं तो सेफ हैं' नारे ने कमाल किया. लोगों ने एक हैं तो सेफ हैं को मानते हुए वोट किया. इस नारे का सकारात्मक प्रभाव रहा. इससे लोगों को भरोसा मिला. बीजेपी ने फैसला किया कि मुख्यमंत्री बीजेीप से ही होगा क्योंकि पार्टी को चुनाव में 137 सीटें मिली थी. फडणवीस ने 'बटेंगे तो कटेंगे' से 'एक हैं तो सेफ हैं' नारे पर शिफ्ट होने के सवाल पर कहा कि आपको देखना होगा कि गिलास आधा भरा हुआ होता है तो आधा खाली भी होता है.
पहली मीटिंग में ही शिंदे डिप्टी सीएम बनने को तैयार थे
फडणवीस ने कहा कि शिंदे की पार्टी में दो राय चल रही थी. आम राय थी कि एकनाथ शिंदे को सरकार में शामिल होना चाहिए. लेकिन माइनोरिटी राय ये भी थी कि शिंदे सरकार में शामिल नहीं हो बल्कि वह कॉर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन बने. इस पर चर्चा चल रही थी. चुनाव के बाद भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन किया गया. लेकिन हमारी पहली बैठक में ही तय था कि मुख्यमंत्री बीजेपी से होना चाहिए. शिंदे ने सहमति जताई थी कि सीएम बीजेपी से होना चाहिए और वह डिप्टी सीएम बनने के लिए तैयार थे.
लेकिन पार्टी में ऐसे नेता या कार्यकर्ता भी होते हैं, जो चाहते हैं कि उनकी पार्टी से मुख्यमंत्री बनना चाहिए. पार्टी कार्यकर्ता सोचते हैं कि हमारे नेता का मान हो. लेकिन हमारे मन में कोई संदेह नहीं था. मेरे खुद शिंदे से व्यक्तिगत संबंध हैं.
फडणवीस ने कहा कि लेकिन मेरी पार्टी ने कहा कि मुझे पद स्वीकार करना चाहिए तो मैंने स्वीकार किया. एक तथ्य ये भी है कि अगर पार्टी का मजबूत आदमी सरकार में नहीं होगा तो पार्टी नहीं चलती.
16 दिसंबर से पहले होगा मंत्रिमंडल विस्तार
इस दौरान जब फडणवीस से पूछा गया कि क्या एकनाथ शिंदे ने कोई मंत्रालय मांगा है? इस पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी तक कोई मंत्रालय नहीं मांगा है. जब मांगेंगे तो इस पर चर्चा करेंगे.
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 16 दिसंबर से पहले मंत्रिमंडल विस्तार होगा. हमारे बीच लगभग सभी विभागों पर सहमति बनी है. गृह विभाग हमेशा हमारे साथ रहा है.
तीसरी बार मुख्यमंत्री बने फडणवीस
नागपुर दक्षिण-पश्चिम सीट से विधायक फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं. 2014 के चुनाव के बाद फडणवीस पहली बार मुख्यमंत्री बने थे. फडणवीस महाराष्ट्र में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री थे. 2019 में उन्होंने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. हालांकि, तीन दिन बाद ही उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था. अब फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं.
फडणवीस 22 साल की उम्र में पार्षद बन गए थे. वो देश के सबसे युवा पार्षद थे. 1997 में नागपुर नगर निगम के सबसे युवा मेयर बने. 1999 में नागपुर पश्चिम सीट से पहली बार विधायक चुने गए. इसके बाद 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 में लगातार छठी बार विधायक बने.