महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस सरकार के सहयोगी एकनाथ शिंदे लंबे समय से नाराज चल रहे हैं. इस बीच उनका एक बयान वायरल हो रहा था जिसमें उन्होंने कहा था, "मैं हमेशा कहता हूं मुझे हल्के में मत लो, वरना तांगा पलट जाएगी." उनका कहना था, "दाढ़ी को हल्के में मत लो. इसी दाढ़ी ने तुम्हारी गाड़ी को गड्ढे में डाल दिया था." हालांकि, अब उनका कहना है कि इस बयान को गलत तरीके से समझा गया है.
एकनाथ शिंदे ने अपने बयान को लेकर कहा, "आज मैंने कहीं पढ़ा और गलत तरीके से समझा गया कि मैंने यह बात सत्ताधारी गठबंधन के बीच तथाकथित शीत युद्ध के बारे में कही थी."
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डिप्टी सीएम शिंदे ने आगे कहा, "मेरा निशाना उन लोगों पर था जो विकास को रोकते हैं. हमारे सहयोगियों के बीच कोई शीत युद्ध नहीं है. हम लोगों की भलाई के लिए मिलकर काम करते हैं. हमारा युद्ध विकास का विरोध करने वालों के खिलाफ है."
फडणवीस और शिंदे के बीच कोल्ड वॉर!
दरअसल, माना जाता है कि एकनाथ शिंदे के दिल में दोबारा मुख्यमंत्री बनने की कसक रह गई, और कहा जाता है कि इस बात से वह अब तक उबर नहीं पाए हैं. उनकी नाराजगी तब और खुलकर सामने आई, जब उन्होंने सीएम देवेंद्र फडणवीस की मीटिंग में जाना बंद कर दिया. इन्हीं मामलों की वजह से यह बात अब आम हो गई है कि देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बीच कोल्ड वॉर चल रहा है.
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फडणवीस की मीटिंग से नदारद रहे शिंदे
कुछ सप्ताह पहले भी सीएम फडणवीस ने अहम मीटिंग बुलाई थी, और इस मीटिंग में उनके मंत्रालय द्वारा किए जाने वाले कामों पर भी चर्चा होनी थी, लेकिन वह गैर-हाजिर रहे थे. डिप्टी सीएम एकनाथ शिंद इससे पहले भी फडणवीस की मीटिंग से नदारद रहे, लेकिक अन्य डिप्टी सीएम अजित पवार लगातार उनके साथ मीटिंग अटेंड करते नजर आते हैं. अब अहम बैठकों से नदारद रहने पर एकनाथ शिंदे की नाराजगी को लेकर सवाल उठते हैं.