Sanjay Raut Patra Chawl Scam: पात्रा चॉल जमीन घोटाले के मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत बुरी तरह फंस गए हैं. देर रात प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. रविवार को सुबह ED की टीम ने 9 घंटे तक उनके घर पर तलाशी ली. राउत से भी 6 घंटे तक पूछताछ की गई और फिर देर रात 12 बजकर 5 मिनट पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. अब सोमवार को राउत को कोर्ट में पेश किया जाएगा.
पात्रा चॉल जमीन घोटाला 1,039 करोड़ रुपये का है. इस घोटाले में ED ने प्रिवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया था. रविवार को राउत के घर तलाशी में ED ने 11.5 लाख रुपये भी जब्त किए. इससे पहले अप्रैल में ED ने राउत की पत्नी वर्षा राउत और उनके करीबियों की 11.15 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की थी.
पात्रा चॉल जमीन घोटाले की पूरी कहानी क्या है? इस सबमें संजय राउत कैसे फंस गए? ये समझने से पहले इस कहानी के किरदार समझ लेते हैं...
कौन-कौन हैं इसके किरदार?
- राकेश कुमार वधावन (गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन के पूर्व डायरेक्टर)
- सारंग कुमार वधावन (गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन के पूर्व डायरेक्टर)
- प्रवीण राउत (गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन के पूर्व डायरेक्टर)
- माधुरी रावत (प्रवीण राउत की पत्नी)
- संजय राउत (शिवसेना सांसद और प्रवीण राउत के दोस्त)
- वर्षा राउत (संजय राउत की पत्नी)
- सुजीत पाटकर (संजय राउत का करीबी)
- स्वप्ना पाटकर (सुजीत पाटकर की पत्नी)
क्या है घोटाले की कहानी?
- 2018 में महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) ने प्रिवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत एक केस दर्ज कराया. ये केस राकेश कुमार वधावन, सारंग कुमार वधावन और अन्य के खिलाफ था.
- ED के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आया कि गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को पात्रा चॉल को पुनर्विकसित करने का काम मिला था. ये काम MHADA ने उसे सौंपा था. इसके तहत कंस्ट्रक्शन कंपनी को पात्रा चॉल में 672 किरायेदारों के घरों को पुनर्विकसित करना था.
- पात्रा चॉल मुंबई के गोरेगांव में बनी है. जिस जमीन पर ये फ्लैट रिडेवलप होने थे, उसका एरिया 47 एकड़ था.
- अब इसमें हुआ ये गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने MHADA को गुमराह किया और बिना फ्लैट बनाए ही ये जमीन 9 बिल्डरों को बेच दी. इससे उसे 901.79 करोड़ रुपये मिले.
- बाद में गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने Meadows नाम से एक प्रोजेक्ट शुरू किया और घर खरीदारों से फ्लैट के लिए 138 करोड़ रुपये जुटाए.
- जांच में आया कि गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने गैरकानूनी तरीके से 1,039.79 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की. आगे चलकर उसने गैरकानूनी तरीके से ही इस रकम को अपने सहयोगियों को ट्रांसफर कर दी.
जांच में क्या सामने आया?
- गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की सिस्टर कंपनी है. राकेश वधावन, सारंग वधावन और प्रवीण राउत HDIL में भी डायरेक्टर थे.
- ED के मुताबिक, जांच में सामने आया कि HDIL ने करीब 100 करोड़ रुपये प्रवीण राउत के खाते में जमा कराए थे. बाद में ये पैसा प्रवीण राउत ने अलग-अलग बैंक खातों से अपने करीबियों, परिवार के सदस्यों और व्यावसायिक संस्थानों को भेज दिया.
- जांच में ये भी सामने आया कि 2010 में प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के खाते में 83 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे. ये पैसा गैरकानूनी तरीके से कमाया गया था. इस रकम से वर्षा राउत ने दादर में एक फ्लैट खरीदा.
- ED की जांच में ये भी आया कि जांच शुरू होने के बाद वर्षा राउत ने माधुरी राउत के खाते में 55 लाख रुपये भेजे थे.
इस सब में कैसे फंस गए संजय राउत?
- इस मामले में इसी साल फरवरी में ED ने PMLA के तहत केस दर्ज किया था. ED के मुताबिक, प्रवीण राउत ने राकेश वधावन और सारंग वधावन के साथ मिलकर हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी की है.
- ED ने बताया था कि 2010 में प्रवीण राउत को इक्विटी बिक्री और लैंड डील के लिए 95 करोड़ रुपये मिले थे. हालांकि, कंपनी इस प्रोजेक्ट को पूरा नहीं कर पाया था. कुल मिलाकर प्रवीण राउत, राकेश वधावन और सारंग वधावन ने रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के नाम पर करोड़ों रुपये हेरफेर किए.
- इस मामले में ED ने प्रवीण राउत और उसके करीबी सुजीत पाटकर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी. मामले में प्रवीण राउत को गिरफ्तार किया गया था और पाटकर का बयान दर्ज किया गया था. प्रवीण रावत और वधावन बंधुओं का नाम PMC बैंक घोटाले में भी आया था.
- प्रवीण राउत और संजय राउत कथित तौर पर दोस्त हैं. वहीं, सुजीत पाटकर को भी संजय राउत का करीबी माना जाता है. सुजीत पाटकर संजय राउत की बेटी के साथ एक वाइन ट्रेडिंग कंपनी में पार्टनर भी है.
- इसके अलावा पाटकर की पत्नी और संजय राउत की पत्नी ने मिलकर अलीबाग में एक जमीन भी खरीदी थी. अलीबाग की ये लैंड डील भी ED के रडार पर है. ऐसा इसलिए, क्योंकि माना जा रहा है कि ये जमीन खरीदने के लिए पैसों की हेराफेरी की गई थी.
- ऐसा भी कहा जाता है कि पाटकर को मुंबई और ठाणे में कई जगह कोविड सेंटर बनाने के लिए ठेके भी मिले थे. बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने इन ठेकों में अनियमितताएं होने का आरोप लगाया था. सोमैया ने पाटकर और उनकी कंपनी के खिलाफ पुणे के शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी.
- प्रवीण राउत PMC बैंक घोटाले में भी आरोपी है. दिसंबर 2020 में इस घोटाले से जुड़े मामले में उसकी 72 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति अटैच की गई थी. ED ने पिछले साल वर्षा राउत से PMC बैंक घोटाले और माधुरी राउत (प्रवीण की पत्नी) से संबंधों को लेकर पूछताछ की थी.
- जांच में पाया गया था कि वर्षा राउत और माधुरी राउत अवनी कंस्ट्रक्शन में पार्टनर हैं. इस कंपनी में वर्षा राउत ने सिर्फ 5,625 रुपये का कंट्रीब्यूशन किया था, जबकि इस कंपनी से उन्हें 12 लाख रुपये मिले थे.
संजय राउत और वर्षा राउत पर अब तक क्या-क्या एक्शन?
- अप्रैल में ED ने वर्षा राउत और उनके करीबियों की 11.15 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी. इन संपत्तियों में प्रवीण राउत की पालघर और पड़घा की जमीन भी थी.
- इसके अलावा ED ने दादर में एक फ्लैट को भी जब्त किया था, जो वर्षा राउत के नाम पर है. साथ ही अलीबाग में वर्षा राउत और स्वप्ना पाटकर ने जो जमीन खरीदी थी, उसे भी एजेंसी ने जब्त कर लिया था.
- रविवार को संजय राउत के घर से ED ने 11.5 लाख रुपये की नकदी जब्त की है. राउत के भाई सुनील राउत ने दावा किया है कि जो पैसा ED को मिला है, वो शिवसैनिकों के अयोध्या दौरे के लिए था. इन नोटों के बंडल पर 'एकनाथ शिंदे अयोध्या टूर' भी लिखा है.
अब इसमें आगे क्या?
फिलहाल, ED ने संजय राउत को गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां ED उनकी कस्टडी की मांग करेगी.