बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सलमान खान के घर फायरिंग मामले में एक आरोपी की हिरासत में मौत की मजिस्ट्रेट जांच का समय बढ़ा दिया. अदालत ने कहा कि वह किसी मजिस्ट्रेट पर रिपोर्ट देने के लिए दबाव नहीं डाल सकते.
न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति आरडब्ल्यू जोशी की पीठ रीता देवी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिनके बेटे अनुज थापन ने कथित तौर पर 1 मई को मुंबई में एक क्राइम बांच ऑफिस के टॉयलेट के अंदर आत्महत्या कर ली थी. पुलिस का दावा है कि थापन ने खुदकुशी की थी जबकि उसकी मां रीता देवी ने 3 मई को हाई कोर्ट में दायर अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि उसके बेटे की हत्या हुई है.
मां ने की सीबीआई जांच की मांग
रीता देवी ने याचिका में मांग की है कि अदालत उनके बेटे की मौत की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश दे. याचिका में कहा गया है कि पुलिस ने हिरासत में उसके साथ मारपीट की और उसे प्रताड़ित किया. पहले की सुनवाई के दौरान, पीठ को सूचित किया गया था कि मजिस्ट्रेट जांच की जा रही है और आत्महत्या के मामलों में तैयार की गई एडीआर को सीआईडी को ट्रांसफर कर दिया गया है.
'मजिस्ट्रेट को कल ही मिली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट'
एडिशनल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर प्राजक्ता शिंदे ने शुक्रवार को पीठ को सूचित किया कि संबंधित मजिस्ट्रेट ने रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए और समय मांगा है. उन्होंने कहा, 'संबंधित मजिस्ट्रेट को कल ही पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिली थी, इसलिए अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय की आवश्यकता होगी. हमने पहले एक अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की थी.'
'हम मजिस्ट्रेट पर दबाव नहीं डाल सकते'
हालांकि, पीठ ने कहा, 'अंतरिम रिपोर्ट देखने का क्या मतलब है? जांच पूरी करने में कितना समय लगेगा?' शिंदे ने अंतिम रिपोर्ट देने के लिए चार हफ्ते का समय मांगा. पीठ ने रीता देवी के वकील निशांत राणे से पूछा कि क्या उनका बयान मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किया गया है.
उन्होंने जवाब दिया, 'हां, उनका बयान 4 और 5 सितंबर को दर्ज किया गया था और अब लगभग 2 महीने हो गए हैं.' राणे ने आगे जोर देकर कहा कि अदालत को अपने आदेश में यह कहने पर विचार करना चाहिए कि मजिस्ट्रेट को अपनी जांच पूरी करने के लिए विस्तार के माध्यम से दिया जाने वाला यह आखिरी मौका होगा. हालांकि, पीठ ने कहा, 'हम किसी मजिस्ट्रेट पर दबाव नहीं डाल सकते. अगली बार आप यही कहेंगे कि जांच ठीक से नहीं हुई है.' इसके बाद पीठ ने सुनवाई 22 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी.
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 14 अप्रैल की एक घटना से जुड़ा है, जब दो मोटरसाइकिल सवार ने मुंबई के बांद्रा में अभिनेता सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी की थी. शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को बाद में गुजरात में गिरफ्तार कर लिया गया था. थापन को मामले से जुड़े एक अन्य व्यक्ति के साथ 26 अप्रैल को पंजाब में गिरफ्तार किया गया था.