पूर्व आईएएस (IAS) अधिकारी पूजा खेडकर की मां मनोरमा दिलीप खेडकर शनिवार को यरवदा जेल से रिहा हो गईं. मनोरमा खेडकर को शुक्रवार को पुणे की अदालत ने जमानत दे दी थी. मनोरमा खेडकर मीडिया के कैमरे देखकर अपना चेहरा छिपाती नजर आईं. उनके रिश्तेदार उन्हें लेने आए और मनोरमा को छिपाते हुए ले जाया गया.
दरअसल, मुलशी में किसानों को पिस्तौल दिखाकर धमकाने और जान से मारने की कोशिश करने के मामले में पौड थाने में मामला दर्ज किया गया था. इस मामले में उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. लेकिन, उन्हें 14 दिन पहले ही जमानत मिल गई और आज उन्हें यरवदा जेल से रिहा कर दिया गया. रिश्तेदार उन्हें लेने आए थे.
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बतातें चलें कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर पर एक्शन लेते हुए उनकी अस्थायी उम्मीदवारी को रद्द कर दिया है. इसके अलावा खेडकर पर भविष्य में होने वाली किसी भी परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगाई गई है. खेडकर के तमाम दस्तावेजों की जांच के आधार पर यूपीएससी ने खेडकर को सीएसई-2022 नियमों के उल्लंघन करने का दोषी पाया.
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यूपीएससी ने पहले ही इस एक्शन के संकेत दिए थे. हाल ही में यूपीएससी ने पूजा खेडकर के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया था. इस नोटिस में पूछा गया था कि क्यों न पूजा खेडकर की सिविल सेवा परीक्षा-2022 की उम्मीदवारी को रद्द किया जाए. यूपीएससी ने इस बाबत एफआईआर भी दर्ज कराई थी.