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बाढ़ के चलते डूबा पुल, घायल को परिजन ने खाट पर लादकर पहुंचाया अस्पताल

बाढ़ के चलते गढ़चिरौली जिले के कई गांवों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इन्हीं गांवों में भामरागढ़ गांव भी शामिल है. इस गांव का शहर से संपर्क कट गया है. जिसके चलते लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

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खाट पर लादकर लादकर घायल को अस्पताल ले जाते परिजन
खाट पर लादकर लादकर घायल को अस्पताल ले जाते परिजन

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पिछले एक हफ्ते से लगातार बारिश हो रही है. जिसके चलते यहां बाढ़ आ गई है. आलम यह है कि कई गांव शहर से कट गए हैं. इसका सबसे ज्यादा असर नक्सल प्रभावित गांव भामरागढ़ में दिख रहा है. शहर से संपर्क टूट जाने के लिए कारण यहां के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसी बीच गुरुवार को खेतों में काम करने के दौरान एक व्यक्ति फिसल कर घायल हो गया. जिसके बाद उसे 18 किलोमीटर दूर ़स्थित अस्पताल में पहुंचाने के लिए खाट का सहारा लेना पड़ा,

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बाढ़ के चलते नदी के ऊपर से बह रहा है पानी

जानकारी के मुताबिक 67 वर्षीय मालू काये मज्जी खेत में कर रहे थे. इस दौरान वो फिसल कर गिए और दर्द के मारे में उनसे रहा नहीं जा रहा था. ऐसे में परिवार वालों के लिए संकट पैदा हो गया कि उन्हें अस्पताल कैसे पहुंचा जाए. क्योंकि बाढ़ के चलते पर्लकोटा नदी पर बने पुल के ऊपर से पानी बह रहा है. हालांकि, परिवार वालों ने हार नहीं मानी  और मज्जी के बेटे ने अपने दोस्तों के साथ खाट पर लादकर पिता को नदी के किनारे ले गया. यहां से नाव में बैठकर नदी पार की और फिर खाट पर लादकर पिता को अस्पताल पहुंचाया.

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नदी में उफान के चलते खाट सहित बहने का सता रहा था डर

मज्जी को अस्पताल पहुंचाने का वीडियो वायरल हो रहा है. मज्जी के बेटे पुसु मालू ने बताया कि नदी उफान पर है. ऐसे में उन्हें डर लग रहा था कि कहीं नाव सहित वो सभी लोग बह न जाएं. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और खाट पर बैठकर नदी पार किया और फिर अस्पताल पहुंचे.

अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टर ने  मज्जी का एक्स-रे किया. जिसमें पता चला कि पैर फ्रैक्चर हो गया है. डॉक्टर ने मालू मज्जी को पैर की सर्जरी के लिए जिला अस्पताल जाने की सलाह दी. लेकिन गढ़चिरौली से संपर्क टूट जाने से अस्थायी इलाज के बाद वो वापस लौट आए. 

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