ओबीसी एनसीएल और विकलांगता सर्टिफिकेट मामले को लेकर विवादों में घिरीं महाराष्ट्र कैडर की IAS अधिकारी पूजा खेडकर के पूरे परिवार पर शिकंजा कसता जा रहा है. उनकी मां मनोरमा खेडकर के खिलाफ पहले ही पुलिस में केस दर्ज हो चुका है. अब उनके रिटायर्ड पिता दिलीप खेडकर के खिलाफ के खिलाफ भी एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को सबूत मिले हैं कि उन्होंने अपनी सेवा के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है.
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के शीर्ष सूत्रों ने बताया कि इसके संकेत मिले हैं कि ट्रेनी IAS पूजा खेडकर के पिता दिलीप खेडकर ने महाराष्ट्र सरकार में अपनी सेवा के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित की. वह साल 2020 में महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) के डायरेक्टर पद से रिटायर हुए थे.
यह दिलीप खेडकर के खिलाफ ACB की शुरुआती जांच में सामने आया है. यह ओपन इनक्वायरी सक्षम अधिकारियों की अनुमति के बाद शुरू की गई थी और पूजा खेडकर की नौकरी, क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र और संदिग्ध विकलांगता सर्टिफिकेट के मुद्दे सामने आने से पहले ही शुरू हो गई थी. ACB के पुणे और नासिक अधिकारियों द्वारा प्राथमिक रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए एसीबी मुख्यालय को भेज दी गई है.
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दिलीप खेडकर को नोटिस जारी कर सकती है ACB
अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) दिलीप खेडकर को उनकी आय और संपत्ति का ब्योरा देने के लिए नोटिस जारी कर सकती है और यह भी पूछ सकती है कि उन्होंने उनके नाम पर जिस तरह की संपत्ति अर्जित की, वह कहां से अर्जित की. दिलीप खेडकर के पास मुंबई, पुणे, पुणे ग्रामीण और अहमदनगर में बड़ी संख्या में संपत्तियां हैं. उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के हलफनामे में घोषणा की थी कि उनके पास लगभग 40 करोड़ की संपत्ति है. एसीबी के वरिष्ठ सूत्रों ने कहा कि विस्तृत रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद दिलीप खेडकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा सकती है.
विवादों के बीच ट्रेनी IAS पूजा खेडकर पर एक्शन, एकेडमी ने ट्रेनिंग रद्द कर वापस बुलाया
पूजा खेडकर का ट्रेनिंग प्रोग्राम रद्द
बता दें कि ओबीसी-एनसीएल और विकलांगता सर्टिफिकेट को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद IAS पूजा खेडकर के ट्रेनिंग प्रोग्राम को रद्द कर दिया गया है. उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एडमिनिस्ट्रेशन एकेडमी (LBSNAA) ने उन्हें तत्काल वापस बुलाने के लिए लेटर भी जारी किया है. इसको लेकर महाराष्ट्र सरकार को भी जानकारी दे दी गई है. वह वर्तमान में वाशिम जिले में असिस्टेंट कलेक्टर के तौर पर कार्यरत हैं.