महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में 2020 में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए पुलिस उप-निरीक्षक धनाजी होनमाने राज्य के उन 17 पुलिस कर्मियों में शामिल किए गए हैं, जिन्हें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा.
केंद्र सरकार ने बुधवार को विभिन्न केंद्रीय और राज्य बलों के 1,037 पुलिस कर्मियों के लिए सेवा पदक की घोषणा की है. महाराष्ट्र पुलिस बल के लिए कुल 59 पदकों की घोषणा की गई है. इनमें से 17 वीरता के लिए, 3 विशिष्ट सेवा के लिए और 39 सराहनीय सेवा के लिए हैं.
PSI धनाजी होनमाने भामरागढ़ क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) के प्रभारी थे. मई 2020 में गढ़चिरौली में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई, जिसमें वो C-60 कमांडो किशोर अत्राम के साथ शहीद हो गए थे. उन्हें मरणोपरांत वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा.
इन पुलिस वालों को मिलेगा वीरता पदक
गढ़चिरौली के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुणाल तारे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी कुणाल सोनवणे, पीएसआई दीपक औटे, राहुल देवहाड़े, विजय सकपाल, पुलिस कांस्टेबल नागेश कुमार माधरबोइना, शकील शेख, विश्वनाथ पेदाम, विवेक नरोटे, मोरेश्वर पोटावी, कैलाश कुलमेथे, कोटला कोरामी, कोरके वेलाडी , महादेव वानखेड़े, महेश मिच्छा, समय्या आसम उन अन्य लोगों में शामिल हैं, जिन्हें नक्सलियों के खिलाफ तीन ऑपरेशनों के लिए वीरता पदक दिया जा रहा है.
सराहनीय सेवा के लिए 39 पुलिस वालों के नाम
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक चिरंजीव प्रसाद, एसीपी सतीश गोवेकर और राजेंद्र दहाले को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक मिल रहा है. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दत्ता शिंदे, उप महानिरीक्षक संदीप दीवान, पुलिस उपाधीक्षक शिवाजी फड़तारे, विनीत चौधरी, पुलिस अधीक्षक संजय खाड़े उन 39 पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्हें सराहनीय सेवा के लिए पदक मिल रहा है.
छत्रपति संभाजीनगर के सहायक पुलिस उप निरीक्षक द्वारकादास भांगे भी उन पुलिस कर्मियों में से हैं जिन्हें सराहनीय सेवा के लिए पदक से सम्मानित किया जाएगा. एएसआई भांगे पिछले कई वर्षों से विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दर्ज मामलों में अपने सुझावों से सजा दर में सुधार करने के लिए काम कर रहे हैं. उन्होंने अपने मास्टर ऑफ लॉ स्टडी के एक हिस्से के रूप में 200 से ज्यादा अदालती मामलों का अध्ययन किया है.
एएसआई भांगे द्वारा प्रस्तुत थीसिस ने पहले महाराष्ट्र पुलिस को जिला स्तर के अधिकारियों को ट्रायल कोर्ट के फैसलों का अध्ययन करने का निर्देश देने के लिए प्रेरित किया था. उनका एक सुझाव यह था कि अपराध स्थल पर साक्ष्य एकत्र करने के लिए अधिकारियों का एक विशेष कैडर बनाया जाना चाहिए.