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इंद्राणी मुखर्जी से 7 साल बाद मिली बेटी, दूर से देखकर मुस्कुराई लेकिन नहीं लग सकी गले, जानिए क्या है वजह

सुप्रीम कोर्ट ने 18 मई को इंद्राणी मुखर्जी को यह कहते हुए जमानत दे दी थी कि उन्होंने साढ़े छह साल से अधिक समय जेल में बिताया था, जो कि एक मामले में बहुत लंबा समय है. इंद्राणी और पीटर दोनों के लिए अदालत के आदेश में निर्धारित जमानत की शर्तों में यह है कि यदि ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश होने में लगातार दो चूक होती है या उपरोक्त किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है, तो अभियोजन पक्ष दोनों की जमानत रद्द करवाने के लिए अप्लाई कर सकता है. 

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मुंबई की सीबीआई कोर्ट में पेश हुईं इंद्राणी की बेटी विधि मुखर्जी (फाइल फोटो)
मुंबई की सीबीआई कोर्ट में पेश हुईं इंद्राणी की बेटी विधि मुखर्जी (फाइल फोटो)

शीना बोरा हत्याकांड की आरोपी इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी की बेटी विधि मुखर्जी की बुधवार को मुंबई की सीबीआई कोर्ट में मुलाकात हुई. जानकारी के मुताबिक जब विधि कोर्ट में दाखिल हुई तो वह कोर्ट में पीछे की बेंच पर बैठी अपनी मां इंद्राणी को देखकर मुस्कुराई.

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सुनवाई के दौरान विधि के वकील रंजीत सांगले ने बेंच से कहा कि विधि लंबे समय के बाद भारत लौटी है. वह सात साल बाद अपनी मां को देख रही है. उन्होंने कोर्ट से अपील की कि वह अपनी मां से बात नहीं करेगी, बस उसे एक बार सीबीआई अफसरों की मौजूदगी में मां को गले लगाने की इजाजत दे दी जाए. 

इस पर स्पेशल जज एसपी नाइक निंबालकर ने कहा- मैं न तो आपकी मांग को खारिज कर सकता हूं और न ही इसकी इजाजत दे सकता हूं. उन्होंने कहा कि आपको मेरे मुंह से सुनने की क्या जरूरत है जबकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में सबकुछ स्पष्ट किया हुआ है. हम सभी को सुप्रीम कोर्ट का आदेश मानने की जरूरत है.

सुप्रीम कोर्ट ने इंद्राणी मुखर्जी को जमानत देने के साथ ही कहा था कि वह किसी भी गवाह से नहीं मिलेंगी और सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करेंगी. शीना बोरा हत्याकांड में विधि एक गवाह हैं, जिसने अभी तक अदालत में गवाही नहीं दी है.

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इंद्राणी के साथ रहने वाली विधि की याचिका खारिज

मुंबई की एक विशेष अदालत ने 7 सितंबर को इंद्राणी मुखर्जी और पीटर मुखर्जी की बेटी विधि मुखर्जी की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उसने भारत लौटने पर अपनी मां के साथ मुंबई में रहने की अनुमति मांगी थी. विधि पिछले कई सालों से लंदन में रह रही है. 30 अगस्त को दायर याचिका में उसने बताया था कि वह 10 सितंबर को भारत लौट रही है.

मां अकेली हैं, सेरेब्रल इस्किमिया से पीड़ित हैं: विधि

विधि ने याचिका में कहा था, "अपनी मां के साथ रहना और बीमार मां की देखभाल करना किसी भी बच्चे का मौलिक अधिकार है." उसने बताया कि वह कई साल से यूके में अकेले रह रही है. वह नाबालिग थी जब उसकी मां को 2015 में गिरफ्तार किया गया था.

गिरफ्तारी के दिन से ही अपनी मां के प्यार से वंचित है और पिछले 7 सालों से उसके साथ नहीं है. इसने भावनात्मक भलाई को गंभीर रूप से प्रभावित किया है. अब उसके अलगाव से निपटने में मुश्किल हो रही है, इसलिए अब वह अपनी मां के साथ स्वतंत्र रूप से रहने की इच्छा रखती है. यह उसका मौलिक अधिकारी भी है. 

इंद्राणी की बेटी ने याचिका में कहा था कि वह अपरिवर्तनीय सेरेब्रल इस्किमिया से पीड़ित हैं और कमजोर हैं. उन्हें उचित व्यक्तिगत और चिकित्सीय देखभाल की आवश्यकता है. इसलिए विधि उनके साथ रहना चाहती हैं. मुंबई में उनके अलावा इंद्राणी का कोई परिवार नहीं है. हालांकि, सीबीआई ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि विधि मुखर्जी गवाह हैं और अब तक उससे पूछताछ नहीं हुई है.

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सीबीआई ने कहा कि उसकी याचिका को स्वीकार करना सुप्रीम कोर्ट द्वारा इंद्राणी मुखर्जी को जमानत देते समय लगाई गई शर्तों का उल्लंघन होगा. इसके बाद कोर्ट ने याचिका को अस्वीकार कर दिया. हालांकि विधि कोर्ट के इस फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दे सकती हैं.

2012 में कर दी गई थी शीना बोरा की हत्या

शीना बोरा (24) की अप्रैल 2012 में इंद्राणी मुखर्जी, उसके तत्कालीन चालक श्यामवर राय और उसके पूर्व पति संजीव खन्ना ने कथित तौर पर एक कार में गला घोंटकर हत्या कर दी थी. शव को पड़ोसी रायगढ़ जिले के एक जंगल में जला दिया गया था.

बोरा इंद्राणी के पिछले रिश्ते से बेटी थी. 2015 में हत्या का खुलासा उस समय हुआ, जब राय ने एक अन्य मामले में गिरफ्तारी के बाद अपराध के बारे में खुलासा किया. पीटर मुखर्जी को भी कथित तौर पर साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. पीटर मुखर्जी को फरवरी 2020 में कोर्ट ने जमानत दे दी थी.

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