महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक वाट्सऐप स्टेटस के बाद हुए फसाद के लिए शिंदे गुट ने संजय राउत को जिम्मेदार ठहराया है. दरअसल, स्टेटस में मुगल बादशाह औरंगजेब की तारीफ की गई थी. इसके बाद हिंदू संगठनों ने विशाल प्रदर्शन किया था और छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर जमा होकर जमकर हंगामा काटा. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी और दुकानों में तोड़-फोड़ भी की.
स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस ने उपद्रव करने वालों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ा. इसको लेकर अब शिवसेना (शिंदे गुट) की नेता किरण पावस्कर ने कोल्हापुर की घटना के लिए संजय राउत को जिम्मेदार ठहराया.
पावस्कर ने कहा कि पिछले छह महीने से संजय राउत कह रहे थे कि महाराष्ट्र में दंगे होंगे और वह कई बार कहते रहे. और आज महाराष्ट्र में दंगे और ऐसी घटनाएं हो रही हैं. संजय राउत के भाषणों, अन्य वीडियो, उनके ट्वीट को पिछले कुछ महीनों से हटा दिया जाना चाहिए. इन सभी की जांच होनी चाहिए और संजय राउत के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. संजय राउत को कैसे पता चला कि ऐसी घटनाएं महाराष्ट्र में होंगी?
क्यों हुआ ये पूरा बवाल?
तीन युवकों ने औरंगजेब की तारीफ करने वाले और दो समुदायों के बीच विवाद कराने वाला वाट्सऐप स्टेटस डाला था, जो वायरल हो गया. इसके खिलाफ हिंदू संगठनों ने कोल्हापुर बंद का आव्हान किया था. इसी आव्हान पर हजारों हिंदू कार्यकर्ता छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर इकट्ठे हो गए. इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी और दुकानों में तोड़-फोड़ की, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया.
इस वाट्सऐप स्टेटस को डालने वाले तीनों नाबालिग युवकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली गई थी, लेकिन हिंदू संगठनों की मांग है कि इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. इसी कार्रवाई की मांग को लेकर पूरा बवाल हुआ है.