महाराष्ट्र के कोल्हापुर में मुगल बादशाह औरंगजेब की तारीफ करने वाले वाट्सऐप स्टेटस वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों ने विशाल प्रदर्शन किया है. हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता आज सुबह 10 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर जमा हो गए थे. उनकी मांग है कि ऐसा करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए.
इसी मांग को लेकर हिंदू संगठनों ने आज कोल्हापुर बंद बुलाया था. हिंदू कार्यकर्ता इकट्ठे होकर नारेबाजी कर रहे थे. इनमें से कुछ कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी और दुकानों में तोड़-फोड़ भी की, जिसके बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाने के लिए उपद्रव करने वालों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया. मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस की टीमें गश्त कर रही हैं. इस पूरे मामले पर खुद डीजीपी नजर बनाए हुए हैं.
क्यों हुआ ये पूरा बवाल?
दरअसल तीन युवकों ने औरंगजेब की तारीफ करने वाले और दो समुदायों के बीच विवाद कराने वाला वाट्सऐप स्टेटस डाला था, जोकि वायरल हो गया. इसके खिलाफ हिंदू संगठनों ने कोल्हापुर बंद का आव्हान किया था. इसी आव्हान पर हजारों हिंदू कार्यकर्ता छत्रपति शिवाजी महाराज चौक पर इकट्ठे हो गए. इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी और दुकानों में तोड़-फोड़ की, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया.
इस वाट्सऐप स्टेटस को डालने वाले तीनों नाबालिग युवकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली गई थी, लेकिन हिंदू संगठनों की मांग है कि इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. इसी कार्रवाई की मांग को लेकर पूरा बवाल हुआ है.
सुप्रिया सुले ने फडणवीस पर साधा निशाना
वहीं इस घटना पर एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह महाराष्ट्र में कानून और व्यवस्था की स्थिति की विफलता है. गृह मंत्रालय हालात को संभालने में नाकाम रहा है. हाल ही हमने पूरे राज्य में सांप्रदायिक अशांति देखी है. ऐसे में आप विकास और निवेशकों के महाराष्ट्र में आने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं.
औरंगजेब के स्टेटस बर्दाश्त नहीं: नितेश राणे
बीजेपी विधायक नितेश राणे ने कहा कि शिवाजी महाराज के महाराष्ट्र में अगर कोई औरंगजेब का स्टेटस रखेगा. महिमामंडन करेगा तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ये हमारे राज्य में सहन नहीं किया जाएगा. शिवाजी महाराज की अस्मिता और हिंदू समाज के संरक्षण के लिए अगर हमें कल तलवार भी हाथ में लेना पड़े तो हम तैयार हैं.
डिप्टी सीएम ने आरोपियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए
इस पूरे मामले को लेकर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि औरंगजेब की तारीफ करने वालों के लिए राज्य में कोई माफी नहीं है. पुलिस भी कार्रवाई कर रही है. साथ ही यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि लोग भी शांति बनाए रखें, कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं होगी. देवेंद्र फडणवीस ने गृह विभाग को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
फडणवीस ने कहा कि अचानक से महाराष्ट्र के कुछ जिलों में औरंगजेब की औलादें पैदा हुई है. औरंगजेब की फोटो दिखाते हैं औरंगजेब का स्टेटस रखते हैं और उसके कारण समाज में दुर्भावना पैदा हो रही है और तनाव पैदा हो रहा है.
सवाल यह उठता है कि अचानक इतनी सारी औरंगजेब की औलादें कहां से पैदा हुईं, इसके पीछे कौन है और इसका असली मालिक कौन है, यह कौन है उसको हम ढूंढ के निकालेंगे, जो महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था खराब करने की कोशिश कर रहा है. मेरा इतना ही निवेदन है कि अभी परिस्थिति नियंत्रण में है लेकिन जो कोई भी कानून अपने हाथों में लेगा उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी.
सीएम शिंदे ने की शांति बनाए रखने की अपील
इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य में शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी सरकार की है. गृह विभाग और गृहमंत्री अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं. मैं भी अधिकारियों के साथ संपर्क में हूं और मामले पर नजर बनाए रखे हुए हैं. सभी को सहयोग करने की जरूरत है. कोई भी कायदा हाथ में न ले. जो लेगा उसके खिलाफ कारवाई होगी. राज्य में शांति रहे और आनंद रहे. इसके लिए सभी को सहयोग करने की आवश्यकता है.
#WATCH | It's the government's responsibility to maintain law and order in the state. I also appeal to the public for peace and calm. Police investigation is underway and action will be taken against those found guilty: Maharashtra CM Eknath Shinde on Kolhapur incident pic.twitter.com/bzGBKXjkqT
— ANI (@ANI) June 7, 2023
अहमदनगर में चार लोगों के खिलाफ केस
बता दें कि इससे पहले अहमदनगर में एक जुलूस के दौरान औरंगजेब को पोस्टर लहराए गए थे. जिसके खिलाफ एक्शन लेते हुए पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था. पुलिस ने बताया था कि इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत एक समुदाय को दूसरे समुदाय के खिलाफ अपराध करने के लिए उकसाने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने और अन्य अपराधों के लिए केस दर्ज किया गया है.