मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने हाल ही में HDIL (हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) के प्रमोटर्स राकेश वधावन, सारंग वधावन और अन्य के खिलाफ चल रहे केस में 'सी समरी' रिपोर्ट दाखिल की है. यह मामला अवैध बिक्री संबंधित है, जहां वधावन बंधुओं पर आरोप है कि उन्होंने कॉमर्शियल टॉवर 'कालेडोनिया' की कार्यालय इकाइयों को अवैध रूप से बेच दिया था.
फरवरी 2023 में, मैक स्टार कंपनी के प्रबंध निदेशक ने NM जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज करवाई थी, जो बाद में EOW को जांच के लिए सौंप दी गई. मैक स्टार ने 2011 में आंधेरी ईस्ट में एक प्रीमियम कॉमर्शियल टॉवर 'कालेडोनिया' का निर्माण किया था. शिकायत में आरोप लगाया गया कि वधावन और अन्य ने भारी छूट पर इकाइयां बेचीं, जबकि मैक स्टार के शेयरधारकों को इसकी कोई जानकारी नहीं थी.
यह भी पढ़ें: 10 करोड़ के जब्त ड्रग्स को नष्ट करने का हाई-टेक प्रोसेस, नवी मुंबई फैसिलिटी से एक्सक्लूसिव वीडियो
मैक स्टार का निर्माण DE शॉ फंड द्वारा 1000 करोड़ रुपये के निवेश से किया गया था, जिसने एक मॉरीशस स्थित कंपनी, ओशन डिटी के माध्यम से फंड प्रदान किया था. 2008 में DE शॉ फंड ने कंपनी में निवेश किया और उन्होंने 98% की हिस्सेदारी हासिल की.
अवैध बिक्री और धोखाधड़ी का मामला
2011 से लेकर 2019 तक, HDIL समूह वित्तीय समस्याओं का सामना कर रहा था. इस दौरान, उन्होंने कई प्रभावशाली व्यवसायियों और राजनेताओं को उनकी कर्ज की भरपाई के रूप में कार्यालय इकाइयां वितरित कीं। ED की जांच में खुलासा हुआ कि वधावन ने HDIL के कर्जदारों को भारी छूट पर कार्यालय इकाइयां बेचीं, जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे का परिवार भी शामिल था.
यह भी पढ़ें: मुंबई में ZARA का स्टोर बंद, 3 करोड़ रुपये महीना था किराया, सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा
वधावन बंधु पर अपराधिक आरोप
मामले में HDIL प्रमोटर्स पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया, जिसमें भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए गए. इससे पहले CBI ने भी Yes बैंक मामले में HDIL प्रमोटर्स के खिलाफ FIR दर्ज की थी, जिसके बाद ED ने जांच शुरू की.