लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब पार्टी को महाराष्ट्र से एक और झटका लगा है, जहां पार्टी विधायक राधाकृष्ण विखे पाटिल ने अपने पद से मंगलवार को इस्तीफा दे दिया है. माना जा रहा है कि वह महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार से पहले बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. पाटिल राज्य में कांग्रेस विधायक दल के नेता पद से पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं.
इस्तीफा देने के बाद राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि मैंने लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के लिए प्रचार भी नहीं किया था. मुझे हाईकमान पर संदेह नहीं है. उन्होंने मुझे विपक्ष का नेता बनाकर अच्छा मौका दिया था. मैंने अच्छा काम करने की कोशिश की, लेकिन हालात ने मुझे इस्तीफा देने पर मजबूर किया है.
Abdul Sattar, expelled Congress MLA: 8 to 10 Congress MLAs are in touch with BJP. Disappointment with Congress leadership in state and their way of functioning are the reason behind our decision. State leadership is destroying the party here. pic.twitter.com/nyBX4Y9iIs
— ANI (@ANI) June 4, 2019
पाटिल के साथ पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने दावा किया कि जल्द ही 8-10 और विधायक भी पार्टी छोड़ बीजेपी में जा सकते हैं. लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस का प्रदर्शन काफी खराब रहा है और बीजेपी-शिवसेना के गठजोड़ ने महाराष्ट्र की ज्यादातर सीटों पर कब्जा किया है. आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पर अब संकट के बादल मंडराने लगे हैं.
राधाकृष्ण विखे पाटिल मार्च में ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दे चुके हैं. उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भेजा था. इससे पहले पाटिल के बेटे सुजय विखे पाटिल भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम चुके हैं.
बता दें कि राधाकृष्ण विखे पाटिल के नेता प्रतिपक्ष के पद छोड़ने की सबसे बड़ी वजह अहमदनगर लोकसभा सीट को बताया गया था. इस सीट से वो अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे. लेकिन ये सीट एनसीपी के खाते में गई है. इसके चलते पहले उनके बेटे पार्टी छोड़ी और अब राधाकृष्ण विखे पाटिल ने विधायक पद से भी दे दिया है.