महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी की सरकार में सबकुछ ठीक नहीं लग रहा है. शिवसेना नीत गठबंधन वाली इस सरकार में आपसी तनातनी का माहौल अब खुलकर सामने आने लगा है. महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले का कहना है कि महा विकास अघाड़ी गठबंधन स्थाई नहीं है यह सिर्फ पांच सालों के लिए है.
रविवार को पटोले ने कहा कि वो लोग सरकार में इसलिए हैं ताकि बीजेपी को सत्ता से दूर रख सकें. कांग्रेस इस गठबंधन की स्थाई सदस्य नहीं है. हाल के घटनाक्रम से संकेत मिले हैं कि महा विकास अघाड़ी में इस बात को लेकर तनातनी है कि निकाय चुनावों में अकेले लड़ा जाए या गठबंधन के साथ.
शिवसेना के विधायक प्रताप सनाईक ने सीएम उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा था जिसमें कहा गया था कि बीजेपी के साथ शिवसेना फिर से गठबंधन कर ले. इस घटना के बाद से महा विकास अघाड़ी के भविष्य पर और संदेह पैदा होने लगा है. नाना पटोले से जब सीएम उद्धव ठाकरे के विचार को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अकेले चुनाव लड़ने में कुछ गलत नहीं है. पार्टी की मजबूती को बढ़ाना हर किसी का अधिकार है.
हमें नहीं पता उद्धव ठाकरे का कमेंट किसे लेकर था लेकिन अगर आप इस सरकार के बनने के समय सोनिया गांधी के कमेंट को देखेंगे तो सोनिया जी बिल्कुल स्पष्ट थीं कि कांग्रेस गठबंधन में इसलिए शामिल हुई है क्योंकि बीजेपी को सत्ता से दूर रखना है. यह एक परमानेंट व्यवस्था नहीं है. पटोले ने आगे कहा कि महा विकास अघाड़ी पांच साल के लिए बनाई गई है. इसके पहले भी बीजेपी, कांग्रेस शिवसेना और एनसीपी ने लोकल इलेक्शन अकेले लड़ा है. तो अकेले चुनाव लड़ने में कुछ गलत नहीं है.
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गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वो अगले साल मुंबई में होने वाले स्थानीय चुनाव में बिना शिवसेना के सहयोग के अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं. इससे पहले शनिवार को शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था कि कोरोना संकट के बीच लोगों की परेशानी के निवारण के बिना खुद के दम पर चुनाव लड़ने के बात करोगे तो लोग चप्पलों से मारेंगे.
बीजेपी ने कसा तंज
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि बीजेपी अकेले चुनाव लड़ेगी ये तो महा विकास अघाड़ी को तय करना है कि वो किसके साथ गठबंधन करेगी.