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एनसीपी में शामिल होंगे बीजेपी नेता एकनाथ खडसे, बोले- पार्टी में नहीं मिला न्याय

महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है. पूर्व मंत्री और भाजपा नेता एकनाथ खडसे शुक्रवार को एनसीपी का दामन थामेंगे.

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बीजेपी छोड़ेंगे एकनाथ खडसे
बीजेपी छोड़ेंगे एकनाथ खडसे
स्टोरी हाइलाइट्स
  • महाराष्ट्र में भाजपा को लगा झटका
  • शुक्रवार को एनसीपी में शामिल होंगे एकनाथ खडसे
  • राज्य सरकार में मंत्री ने किया दावा

भारतीय जनता पार्टी को महाराष्ट्र में बड़ा झटका लगा है. पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे शुक्रवार को एनसीपी में शामिल होंगे. भाजपा की ओर से भी एकनाथ खडसे के इस्तीफे की पुष्टि कर दी गई है. बीजेपी ने एकनाथ खडसे को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं. 

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राज्य सरकार में मंत्री जयंत पाटिल ने ये दावा किया है कि शुक्रवार को एकनाथ खडसे एनसीपी में शामिल होंगे. शुक्रवार दोपहर दो बजे एकनाथ खडसे एनसीपी की सदस्यता ले सकते हैं.

पार्टी छोड़ने के फैसले पर एकनाथ खडसे ने कहा कि वो 23 तारीख को एनसीपी ज्वाइन करेंगे. जो मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, उसमें कुछ साबित नहीं हुआ. मुझे एक नेता के द्वारा परेशान किया गया, लेकिन पार्टी में मुझे न्याय नहीं मिला.

ऐसा माना जा रहा है कि एनसीपी नेताओं और एकनाथ खडसे के बीच पिछले कुछ दिनों से बात चल रही थी. ऐसे में वो उद्धव ठाकरे सरकार में किसी मंत्री पद को भी संभाल सकते हैं. एकनाथ खडसे की नज़र कृषि मंत्रालय पर है, जो अभी शिवसेना के पास ही है. 

पिछले कई महीनों से इस बात का कयास लगाया जा रहा था कि एकनाथ खडसे पार्टी छोड़ सकते हैं. क्योंकि पार्टी में उन्हें साइडलाइन किया जा रहा है. रविवार को ये बात सामने आई थी कि एकनाथ खडसे ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है, हालांकि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने इन दावों को गलत बताया था और कहा था कि वो ऐसा नहीं करेंगे. 

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इसी उथलपुथल के बीच एनसीपी नेता शरद पवार का बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि एकनाथ खडसे का महाराष्ट्र में भाजपा को खड़ा करने में अहम योगदान रहा है. ऐसे में अब उन्हें पार्टी में किनारे किया जा रहा है, जो ठीक नहीं है. 

आपको बता दें कि साल 2015 में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद एकनाथ खडसे ने देवेंद्र फडणवीस की सरकार से इस्तीफा दिया था. उसी के बाद से ही खडसे का राजनीतिक करियर ढलान पर रहा है. एकनाथ खडसे के समर्थकों का कहना है कि देवेंद्र फडणवीस के कारण ही उन्हें किनारे किया जा रहा है. 

इसी के बाद 2019 के विधानसभा चुनाव में एकनाथ खडसे को टिकट नहीं मिला था, जिसके बाद उन्होंने देवेंद्र फडणवीस पर सीधा हमला बोलना शुरू किया. हालांकि, उनकी बेटी रोहिणी को टिकट मिला था, जो कि चुनाव हार गई थीं. इसके अलावा एकनाथ खडसे के इलाके जलगांव में अब गिरीश महाजन को पार्टी महत्व दे रही है जो कि देवेंद्र फडणवीस के करीबी माने जाते हैं. 

 

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