महाराष्ट्र के पुणे शहर में कोविड-19 का संकट लगातार बना हुआ है. पुणे में अब तक कुल पुष्ट मामलों की संख्या 1.32 लाख पर पहुंच चुकी है. यहां 1.11 लाख लोग रिकवर हुए हैं और 3,084 मौतें हुई हैं. अभी पुणे शहर में एक्टिव केसों की संख्या 17,781 है. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने रविवार रात को यहां ससून जनरल अस्पताल में कोरोना की स्थिति को लेकर बैठक की.
सरकार संचालित अस्पताल के डीन ऑफिस में हुई बैठक में अस्पताल के सीनियर डॉक्टर्स के अलावा पुणे डिविजन, पुणे कलेक्ट्रेट, पुणे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, पिंपरी-चिंचवाड़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (पीसीएमसी) के वरिष्ठ अधिकारी अधिकारी मौजूद रहे.
इस बैठक में डॉक्टरों की संख्या, आईसीयू बेड्स और ऑक्सीजन की क्षमता बढ़ाने का फैसला किया गया. साथ ही पूरे राज्य में टेली आईसीयू सुविधा बढ़ाने का फैसला भी किया गया.
स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे के मुताबिक वे पुणे में दो दिन रह कर विभिन्न सुविधाओं का जायजा लेंगे, साथ ही प्राइवेट अस्पतालों के मालिकों और ट्रस्ट अस्पतालों के संचालकों के साथ भी बैठक करेंगे. इसके अलावा ऑक्सीजन प्लांट्स का भी दौरा करेंगे.
पुणे में बेड्स और डॉक्टर्स की कमी
टोपे ने कहा, “पुणे में प्रमुख मुद्दा बेड्स की कमी का है. वर्तमान में ससून अस्पताल में 450 बेड हैं. जिसे बढ़ा कर 850 किया जाएगा. ससून में रेजीडेंट डॉक्टर्स और प्रोफेसर सहित कुल 607 डॉक्टर हैं. हम कोविड के इलाज के लिए अधिकतम डॉक्टरों को लगाने की कोशिश कर रहे हैं.”
टोपे के मुताबिक पुणे को 213 डॉक्टरों की आवश्यकता है. उन्होंने बताया कि प्रति माह 2 लाख 25 हजार के पैकेज की पेशकश के बावजूद डॉक्टरों ने आवेदन नहीं किया है. इसलिए हम नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रहे हैं.
प्राइवेट अस्पताल कोविड इलाज के लिए कम उपलब्ध करा रहे हैं बेड्स
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “जिन प्राइवेट अस्पतालों में वेंटिलेटर बेड और ICU बेड की पर्याप्त संख्या है, उन्होंने महज 5% या 10% बेड ही कोविड इलाज के लिए उपलब्ध कराए हैं और यह संख्या बहुत कम है. हमारी वर्तमान आवश्यकता के मुताबिक प्राइवेट अस्पतालों को कोविड मरीजों के लिए 80% बेड देने की आवश्यकता है.
बिना ऑक्सीजन सपोर्ट वाले बेड को ऑक्सीजन बेड में बदला जाएगा. जिन अस्पतालों में सादे बेड हैं, उन्हें ऑक्सीजन बेड में बदलने के लिए कहा जाएगा. यह सभी निजी अस्पतालों के लिए अनिवार्य होगा.”
पूरे महाराष्ट्र में टेली ICU सुविधा
टोपे ने बताया कि पूरे महाराष्ट्र में टेली आईसीयू सुविधा शुरू की जा रही है. 6 जिलों में टेली आईसी का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है. टोपे ने कहा कि वर्तमान में हम बुनियादी सुविधाओं की कमी से नहीं बल्कि डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं.
ससून अस्पताल में दैनिक आधार पर ऑक्सीजन की फिलिंग होती है. टोपे ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए, अगर सप्लाई प्रभावित होती है तो संकट होगा. इसलिए अस्पताल को निर्देशित किया गया है कि परिसर के अंदंर ऑक्सीजन स्टोरेज की सुविधा स्थापित की जाए ताकि ऑक्सीजन की कमी न हो.
मास्क-सैनेटाइजर्स कीमतों पर लगेगी कैप
टोपे ने टेस्टिंग को लेकर कहा कि इसमें 70 प्रतिशत RT-PCR और 30 प्रतिशत एंटीजन टेस्टिंग होनी चाहिए. स्वास्थ्य मंत्री ने N95 मास्क बनाने वाले निर्मताओं से अधिक सहयोग नही मिलने की बात भी कही. उन्होंने कहा कि हम हर चीज का विश्लेषण कर रहे हैं और जल्द ही मास्क और सैनिटाइजर प्राइसिंग में कैप लगाई जाएगी. प्लाज्मा दरों के अलावा HRCT स्कैनिंग के शुल्क की निगरानी की जाएगी. इसके लिए 5 हजार से 10 हजार रुपये वसूलना बिल्कुल गलत है. ये शुल्क 2 हजार से 3 हजार रुपए के बीच होना चाहिए.
जब महाराष्ट्र की टेस्ट पॉजिटिविटी दर 25% के आसपास होने के बारे में सवाल किया गया तो टोपे ने कहा कि ये राज्य में सबसे अधिक टेस्टिंग की वजह से है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लोग कोरोना को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें आत्म अनुशासन की जरूरत है.