महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के एक बयान ने सियासी भूचाल ला दिया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया है. इसी वजह से एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने यहां तक कह दिया था कि कोश्यारी की तरफ से सभी हदें पार कर दी गई हैं. अब उद्धव ठाकरे ने भी इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उनकी तरफ से दो टूक कहा गया है कि राज्य को ऐसे राज्यपाल की कोई जरूरत नहीं है. केंद्र को उन्हें वापस बुला लेना चाहिए.
उद्धव ने राज्यपाल को लेकर क्या बोला?
मीडिया से बात करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा है कि मैं तो अब कोश्यारी को राज्यपाल भी नहीं मानता हूं. पहले उनकी तरफ से मराठी लोगों का अपमान किया गया था, अब वे शिवाजी को लेकर आपत्तिजनक बाते कर रहे हैं. इसके पीछे किसका दिमाग है? उन्हें क्या नहीं पता कि बाप तो बाप होता है, फिर चाहे वो पुराना हो या फिर नया. ये लोग महाराष्ट्र की अस्मिता के साथ खेलने का काम कर रहे हैं. मैं मांग करता हूं कि राज्यपाल को तुरंत हटाया जाए. कुछ दिन के लिए इंतजार करेंगे. अगर मांग नहीं मानी गई तो शांतिपूर्ण राज्यबंद का ऐलान किया जाएगा. हम सभी को साथ लाना चाहते हैं. बीजेपी भी इस अभियान में हमारा साथ दे.
अब उद्धव ठाकरे सिर्फ यहीं पर नहीं रुके. उनकी तरफ से जोर देकर कहा गया कि राज्य को कोश्यारी जैसे सैंपल की जरूरत नहीं है. केंद्र इसे वापस मंगवा सकता है. इन्हें किसी वृद्ध आश्रम में छोड़कर आया जाए. उद्धव के इन हमलों पर डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की तरफ से पलटवार किया गया है. उन्होंने साफ कहा है कि इस विवाद पर क्योंकि शरद पवार ने प्रतिक्रिया दी, इसलिए उद्धव ठाकरे को भी रिएक्शन देना पड़ गया.
सीएम शिंदे ने विवाद पर क्या बोला?
वे कहते हैं कि छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे लिए भगवान जैसे हैं. कोई भी उन्हें अपमानित नहीं कर सकता है. लेकिन शरद पवार को आगे आकर इसलिए बयान जारी करना पड़ा क्योंकि जब राज्यपाल ने वो स्टेटमेंट दिया था, तब पवार भी वहां उसी मंच पर मौजूद थे. लेकिन तब वे एक शब्द भी नहीं बोल पाए. इस विवाद पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सिर्फ इतना कहा है कि छत्रपति शिवाजी से ऊपर कोई नहीं है. डिप्टी सीएम की तरफ से पहले ही बयान जारी कर दिया गया है. अब राजनीतिक रंग देने के लिए इस प्रकार की बयानबाजी की जा रही है. जानकारी के लिए बता दें कि एक कार्यक्रम में भगत सिंह कोश्यारी ने कहा था कि छत्रपति शिवाजी महाराज पुराने दिनों के आदर्श थे.