महाराष्ट्र के राज्यपाल बीएस कोश्यारी गुरुवार को उत्तराखंड के मसूरी जाने की तैयारी कर रहे थे. वहां उन्हें लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी के एक समारोह में हिस्सा लेना था. जैसे ही वे विमान में सवार हुए, तो उन्हें सूचना मिली, कि उड़ान भरने की अनुमति नहीं है. इसके बाद राज्यपाल निजी विमान सेवा से गंतव्य की ओर रवाना हुये. इस मामले को लेकर महाराष्ट्र की सियासत गरमाने लगी है.
इस मामले में जब महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि 'इस मामले की कोई जानकारी नहीं है. मैं अभी मंत्रालय जा रहा हूं. मुझे इस बारे में जब अन्य कुछ जानकारी मिलेगी, तब इस मामले में टिप्पणी कर सकूंगा.' बता दें कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राज्यपाल बीएस कोश्यारी के बीच पिछले वर्ष से विवाद चल रहा है. दरअसल राज्यपाल ने अपने पत्र में सीएम उद्धव ठाकरे से राज्य के धार्मिक स्थलों को फिर से खोलने का अनुरोध किया था. पत्र का जवाब देते हुए सीएम ठाकरे ने कहा था कि 'मुझे अपने हिंदुत्व के बारे में आपसे प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है.'
वहीं शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस मामले में कहा कि मुख्यमंत्री समेत पूरी महाराष्ट्र सरकार राज्यपाल का सम्मान करती है. उन्होंने कहा कि मुझे जो जानकारी मिली, उसके अनुसार वे चमोली जा रहे हैं. किसी संवैधानिक पद पर बैठकर व्यक्तिगत यात्रा पर सरकारी प्लेन का प्रयोग नहीं कर सकते हैं. यदि उन्हें अपनी निजी यात्रा पर जाना है, तो प्राइवेट प्लेन का प्रयोग करना चाहिये. वहीं महाराष्ट्र दौरे पर आये केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और शरद पवार की वार्ता को लेकर, उन्होंने कहा कि ये अफवाह है. दोनों के बीच महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई. वहीं उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि ईवीएम से मतदान ठीक है और ये पेपरलेस है, जोकि अच्छा है. यदि नाना पटोले अब कांग्रेस प्रमुख के रूप में मतपत्रों के पक्ष में बात करते हैं, तो इस मामले पर चर्चा की जा सकती है.
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आई आपदा को लेकर हमें भी दुख है. महाराष्ट्र सरकार भी मदद कर रही है. वहां के मुख्यमंत्री जो उचित कदम हैं, वो उठा रहे हैं. वहां बीजेपी की सरकार है. केंद्र सरकार की ओर से गृहमंत्री अमित शाह भी हर संभव मदद कर रहे हैं. वहीं उन्होंने कहा कि राज्यपाल के पास पिछले एक साल से कैबिनेट ने 12 नॉमिनेट विधान परिषद के सदस्यों के नाम भेजे हुए हैं, उस फाइल पर साइन नहीं किये गये हैं. राज्यपाल कैबिनेट के द्वारा पास किये हुए फैसले को कब तक रोक सकते हैं. उन्हें प्लेन के लिए 15 मिनट का इंतजार करना पड़ा, तो शोर हो रहा है, लेकिन फाइल साइन करने में सिर्फ 10 मिनट ही लगेंगे, ये काम उन्हें शोभा नहीं देता है.
वहीं इस मामले को लेकर राज्यपाल के कार्यालय से स्पष्टीकरण जारी किया गया है, जिसके अनुसार राज्यपाल को उत्तराखंड के मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में आयोजित एक कार्यक्रम में 12 फरवरी को सुबह 10 बजे पहुंचना है. इसके लिये राज्यपाल को 11 फरवरी को देहरादून के लिये सीएसआईएम एयरपोर्ट मुंबई से 10 बजे प्रस्थान करना था. इस यात्रा को लेकर राज्यपाल के सचिवालय ने महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों को पत्र लिखा था, जिसमें 2 फरवरी 2021 को यात्रा के लिये अग्रिम अनुमति दी गई थी. इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय को भी सूचित किया गया था. आज राज्यपाल तय कार्यक्रम के अनुसार सीएसआईएम हवाई अड्डे पर 10 बजे पहुंचे, जहां वे सरकारी विमान में सवार हो गये. हालांकि राज्यपाल को सूचित किया गया कि सरकारी विमान से यात्रा की अनुमति नहीं मिली है. बताया गया है कि कार्यक्रम के अनुसार प्राइवेट विमान को उनकी यात्रा के लिये बुक किया गया था. इसी प्राइवेट विमान से वे मुंबई से 12.15 बजे देहरादून के लिये रवाना हुए.