महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर. आर. पाटील ने बुधवार को कहा कि महिलाओं के खिलाफ बहुत से अपराध उनके अपने ही घरों में होते हैं और हर घर पर पुलिस की तैनाती के बाद भी रेप जैसी वारदात को रोकना संभव नहीं है. इस बयान पर विपक्ष ने पाटील की कड़ी आलोचना की है.
विधानसभा में बुधवार को महिलाओं के खिलाफ अपराध और दलितों पर अत्याचार पर चली चर्चा का उत्तर देते हुए पाटील ने कहा, 'महिलाओं के खिलाफ कई अपराध तो उनके अपने ही घरों में होते हैं. क्या हर घर पर पुलिस को तैनात करना संभव है?'
अपनी बात को साबित करने के लिए पाटील ने कुछ आंकड़े पेश किए. उन्होंने कहा कि 42 प्रतिशत रेप पीड़िता से परिचितों द्वारा किए जाते हैं, 6.34 प्रतिशत तो भाई या पिता जैसे रिश्तेदारों द्वारा, 6.65 निकटवर्ती रिश्तेदारों और 40 प्रतिशत शादी का झांसा देकर रेप करते हैं.
उन्होंने कहा कि रेप जैसे गंभीर अपराध समाज में 'नैतिक मूल्यों में गिरावट' के कारण हो रहे हैं, फिर भी अन्य राज्यों के मुकाबले महाराष्ट्र में ऐसी घटनाएं कम होती हैं.
पाटील के पेश नजरिए से असहमति जताते हुए विधान परिषद में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सदस्य और नेता प्रतिपक्ष विनोद तावड़े ने महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने में पूरी तरह विफल रहने के लिए लताड़ा.
तावड़े ने कहा, 'हर घर के आगे पुलिस तैनात करने की कहां जरूरत है. गृह मंत्री को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि एक पुलिसकर्मी 10,000 लोगों को संभालने में सक्षम हो. राज्य पुलिस के पास किसी समय ऐसी क्षमता थी, लेकिन मौजूदा मंत्री के सत्ता में आने के समय से यह नहीं है.'