scorecardresearch
 

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री बोले- सुशांत सिंह के सामाजिक बहिष्कार की भी हो जांच

सुशांत सिंह राजपूत की अचानक हुई मौत पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. अब महाराष्ट्र सरकार के मंत्री असलम शेख ने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या में सामाजिक बहिष्कार वाले एंगल पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए.

Advertisement
X
सुशांत सिंह राजपूत ने कर ली थी आत्महत्या
सुशांत सिंह राजपूत ने कर ली थी आत्महत्या

Advertisement

  • सुशांत की अचानक मौत पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं
  • सामाजिक बहिष्कार एंगल पर भी ध्यान देना चाहिए- असलम

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने रविवार को मुंबई में अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना बताया गया था. सुशांत की अचानक मौत पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं. महाराष्ट्र सरकार के मंत्री असलम शेख ने कहा, 'सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या में सामाजिक बहिष्कार एंगल पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए.'

पीएम मोदी बोले-अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने के संकेत दिखने लगे हैं

असलम शेख ने आगे कहा, 'इससे पहले एक टॉप फिल्म स्टार ने एक युवा और टैलेंटेड सिंगर का भी बहिष्कार किया था जिससे उन्हें काम मिलना बंद हो गया था. अगर सिंगर ने पहले ही इसके खिलाफ आवाज उठाई होती तो ऐसे सामाजिक बहिष्कार के मामले पहले ही सामने आ जाते.'

Advertisement

संजय राउत पर साधा असलम शेख ने निशाना-

शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय को लेकर शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत का बयान आया है. मंगलवार के संपादकीय में कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण और बालासाहेब थोराट पर निशाना साधा गया है. इस पर संजय राउत ने कहा कि 'सामना' संपादकीय के जरिये अपने विचार सबके सामने रखता है. राउत ने कहा, कांग्रेस जो कहना चाहे कहे, उसे इसका पूरा अधिकार है. वे ऐसा भी करें जैसा एनसीपी करती है. इसमें कोई दिक्कत नहीं है, मामले को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है.

कांग्रेस पर हमले के बाद संजय राउत की सफाई, कहा- कांग्रेस को भी बोलने का हक

दूसरी तरफ, असलम शेख ने शिवसेना नेता संजय राउत पर भी निशाना साधा है. शेख ने कहा कि संजय राउत का बयान पूरी तरह नौटंकी है. कई लोग ऐसे बेतुके बयान सिर्फ हेडलाइन में जगह बनाने के लिए देते हैं. उन्हें कांग्रेस के बारे में पता ही क्या है. कांग्रेस सबसे पुरानी पार्टी है और कांग्रेस ने आजादी के लिए संघर्ष में भी हिस्सा लिया था. इसलिए शिवसेना के किसी भी वरिष्ठ नेता ने उनके विचारों का समर्थन नहीं किया. शिवसेना के साथ हमारा उत्कृष्ट तालमेल है.

Advertisement
Advertisement