महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीड के मसाजोग में सरपंच संतोष देशमुख की हत्या मामले में आरोपियों की संपत्तियां जब्त करने के लिए अपराध जांच विभाग (CID) को निर्देश दिए हैं. एक गृह विभाग के अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी और बताया कि फडणवीस ने उन लोगों के हथियार लाइसेंस रद्द करने को भी कहा है, जिनकी तस्वीरें या वीडियो सोशल मीडिया पर हवा में गोलियां चलाते या सार्वजनिक रूप से हथियार दिखाते हुए वायरल हुईं हैं.
विपक्ष के निशाने पर हैं फडणवीस
फडणवीस ने 5 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद संभाला था और गृह विभाग की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं, इस महीने की शुरुआत में बीड जिले में हुए सरपंच की हत्या को लेकर विपक्ष के निशाने पर हैं. महाराष्ट्र पुलिस का CID हत्या मामले की जांच कर रहा है. अधिकारी ने कहा, "मुख्यमंत्री फडणवीस ने CID से हत्या के आरोपियों की संपत्तियां जब्त करने को कहा है."
बीड में हुआ प्रदर्शन
इस बीच, शनिवार को बीड में हुए विशाल विरोध प्रदर्शन में, जिसमें विपक्ष और सत्तारूढ़ दलों के विधायक और स्थानीय नेता शामिल हुए, ने राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) के मंत्री धनंजय मुंडे से इस्तीफा देने की मांग की. मुंडे बीड जिले से हैं और उनके सहयोगी वाल्मिक कराड की भूमिका हत्या के मामले में संदेह के घेरे में है.
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पुलिस के मुताबिक, देशमुख की हत्या कथित तौर पर एक ऊर्जा कंपनी से जबरन वसूली की कोशिश का विरोध करने के कारण हुई थी, जो बीड जिले में पवनचक्कियां लगा रही थी. स्थानीय NCP नेता विष्णु चटे ने कंपनी से 2 करोड़ रुपये की मांग की थी. देशमुख ने हस्तक्षेप किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें अपहरण, उत्पीड़न और 9 दिसंबर को हत्या कर दी गई. चटे हत्या के चार गिरफ्तार आरोपियों में से एक हैं.
बता दें कि यह घटना 9 दिसंबर को दोपहर करीब तीन बजे की है, जब संतोष देशमुख अपने चचेरे भाई शिवराज देशमुख के साथ टाटा इंडिगो कार में मसाजोग गांव जा रहे थे. रास्ते में एक काली स्कॉर्पियो गाड़ी ने उनकी कार को रोका. गाड़ी से छह लोग उतरे और सरपंच संतोष देशमुख को जबरन गाड़ी से खींचकर अपहरण कर लिया. इसके बाद उनका शव केज तालुका के दहितना फाटा पर बरामद हुआ. संतोष के शरीर पर गहरी चोटों के निशान मिले थे.