Maharashtra Rajya Sabha Election: महाराष्ट्र की 6 राज्यसभा सीटों पर हो रहे मतदान में फंसा पेंच आखिर शनिवार तड़के क्लियर हो गया. यहां महाविकास अघाड़ी के 3 तो वहीं भाजपा के 3 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की.
केंद्रीय मंत्री और भाजपा उम्मीदवार पीयूष गोयल 48 वोट हासिल करने में कामयाब रहे. इसके अलावा बीजेपी के एक और उम्मीदवार अनिल बोंडे ने 48 वोट के साथ जीत दर्ज की. इसके साथ ही भाजपा के धनंजय महादिक को 41.58 वोट मिले.
एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल को 43 वोट मिले. वहीं, शिवसेना की तरफ से राज्यसभा उम्मीदवार संजय राउत ने भी 41 वोटों के साथ जीत दर्ज की. शिवसेना के संजय पवार को 39.26 वोट मिले और उन्हें हार का सामना करना पड़ा. कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवार बनाए गए इमरान प्रतापगढ़ी 44 वोट हासिल कर जीत गए.
इससे पहले भाजपा ने महा विकास अघाड़ी के 3 विधायकों की शिकायत की थी कि उन्होंने अधिकृत व्यक्ति के अलावा अपना वोट किसी और को भी दिखाया है. तो वहीं MVA ने भाजपा के 1 और एक निर्दलीय विधायक की शिकायत की.
बीजेपी ने एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री जितेंद्र अवध, कांग्रेस की यशोमती ठाकुर और शिवसेना के सुहास कांडे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए वोट रद्द करने की मांग की थी. रिटर्निंग ऑफिसर (Returning Officer) ने दावा खारिज कर दिया, जिसके बाद भाजपा ने चुनाव आयोग से संपर्क किया.
वहीं, MVA ने बीजेपी के सुधीर मुनगंटीवार के खिलाफ शिकायत की. आरोप लगाया गया कि मुनगंटीवार ने पोल एजेंट के अलावा किसी और को भी वोट दिखाया है. इसके अलावा अमरावती जिले से निर्दलीय विधायक रवि राणा के खिलाफ भी शिकायत की गई.
राणा पर हनुमान चालीसा दिखाकर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगया गया. साथ ही यह भी कहा गया कि उन्होंने अपने वोट का खुलासा किया है.
बीजेपी ने जितेंद्र अवध (एनसीपी), यशोमती ठाकुर (कांग्रेस), सुहास कांडे (शिवसेना) के खिलाफ शिकायत की है कि उन्होंने अधिकृत व्यक्ति के अलावा अपना वोट दिखाया, इसलिए वोट रद्द कर दिया जाना चाहिए. हालांकि, आरओ ने दावा खारिज कर दिया था इसलिए बीजेपी ने चुनाव आयोग से संपर्क किया.
MVA ने बीजेपी के सुधीर मुनगंटीवार के खिलाफ शिकायत भेजी कि उन्होंने पोल एजेंट के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को भी वोट दिखाया है. साथ ही रवि राणा के खिलाफ भी शिकायत की.
जितेंद्र अवध ने दी सफाई
एनसीपी नेता और महाराष्ट्र में मंत्री जितेंद्र अवध ने उनके खिलाफ की गई शिकायत पर सफाई दी. उन्होंने कहा, 'न तो मैंने किसी से बात की और न ही कहीं देखा और हंसा. मैं सीधे मतदान करने गया. मैंने कानूनी रूप से अपने एजेंट को अपना मतपत्र दिखाया और वोट डाला. घर पहुंचने के आधे घंटे बाद, मुझे पता चला कि किसी ने आपत्ति जताई है. उन्होंने सवाल किया कि आपत्ति तुरंत क्यों नहीं उठाई गई?