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'छत्रपति शिवाजी महाराज के किलों के संरक्षण का अधिकार हमें मिले', महाराष्ट्र सरकार की केंद्र से मांग

महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में पेरिस में अंतरराष्ट्रीय स्मारक और स्थल परिषद (ICOMOS) को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें मराठा काल के 12 ऐतिहासिक किलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल करने की मांग की गई है.

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महाराष्ट्र के रायगढ़ किले की फाइल फोटो
महाराष्ट्र के रायगढ़ किले की फाइल फोटो

महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से अनुरोध किया है कि केंद्र सरकार द्वारा संरक्षित किलों, विशेष रूप से छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े ऐतिहासिक किलों का संरक्षण राज्य सरकार को सौंपा जाए. इस कदम का उद्देश्य इन ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना है.

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महाराष्ट्र में कुल 54 केंद्र द्वारा संरक्षित और 62 राज्य सरकार द्वारा संरक्षित किले हैं. इनमें रायगढ़, राजगढ़, प्रतापगढ़, पन्हाला, सिंधुदुर्ग, विजयदुर्ग, सुवर्णदुर्ग, साल्हेर और शिवनेरी जैसे महत्वपूर्ण किले शामिल हैं. ये किले छत्रपति शिवाजी महाराज के समय में महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र हुआ करते थे और महाराष्ट्र के लोगों के लिए सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से बहुत महत्व रखते हैं.

महाराष्ट्र सरकार का अनुरोध
आशीष शेलार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा, "महाराष्ट्र के किले छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता और विरासत के अमर प्रतीक हैं. इनका ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व अपार है. मैंने केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत जी को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि महाराष्ट्र सरकार इन किलों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही, मैंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से आग्रह किया है कि वह केंद्र द्वारा संरक्षित किलों को महाराष्ट्र सरकार को सौंप दे ताकि इनके संरक्षण और पर्यटन विकास को और बेहतर बनाया जा सके."

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यह भी पढ़ें: आगरा में बनेगा छत्रपति शिवाजी महाराज का स्मारक, महाराष्ट्र सरकार जमीन का करेगी अधिग्रहण

संरक्षण और पर्यटन विकास की योजना
उन्होंने अपनी विरासत की सुरक्षा में महाराष्ट्र की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया. महाराष्ट्र सरकार पहले से ही राज्य संरक्षित किलों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. राज्य सरकार का कहना है कि उसका पुरातत्व और संग्रहालय निदेशालय पूरी तरह से इस कार्य को संभालने के लिए तैयार है.
 
महाराष्ट्र सरकार ने हाल ही में पेरिस में अंतरराष्ट्रीय स्मारक और स्थल परिषद (ICOMOS) को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें मराठा काल के 12 ऐतिहासिक किलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल करने की मांग की गई है.

महाराष्ट्र सरकार विरासत के अनुकूल पर्यटन पहल करने और 'महा वरसा' और 'वैभव संगोपन' योजनाओं जैसी पहलों के माध्यम से किले के रखरखाव के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत दानदाताओं को शामिल करने की योजना बना रही है. शेलार ने इन विरासत स्थलों को संरक्षित करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "ये किले लाखों लोगों को प्रेरित करते रहते हैं. भविष्य की पीढ़ियों के लिए इन्हें संरक्षित करना हमारा गंभीर कर्तव्य है." उन्होंने शेखावत से त्वरित कार्रवाई करने और एएसआई को हस्तांतरण प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश देने का आग्रह किया.

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