जनता परिवार के महाविलय के बाद सियासी आंकड़े काफी हद तक बदले हैं. शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में जनता परिवार पर चुटकी लेते हुए कहा है कि इस
महाविलय में शामिल सभी दल कब इसकी पुंगी बजा दें, इसका भरोसा नहीं है. इस राजनीतिक घोषणा में सारे नकली धर्मनिरपेक्षवादी नेता शामिल हैं.
'सामना' की संपादकीय में उद्धव ठाकरे
ने लिखा कि जनता परिवार में जब विरोध के सुर उठेंगे तो नेताओं की खिलाफत जरूर उफान मारेगी. उस दिन जनता परिवार की इस संतान का क्या होगा, कहना
मुश्किल है. सारे नकली धर्मनिरपेक्षवादियों ने मिलकर जनता परिवार का पालना हिलाया है, लेकिन तीसरे मोर्च की संतान अब भी अविकसित है. गलती से अगर ये संतान
विकसित भी हो गई तो इसके अभिभावक ही इसे कुपोषित कर देंगे.
संपादकीय में मुलायम सिंह और लालू यादव पर भी निशाना साधा गया है. उद्धव ने कहा कि लालू यादव और मुलायम सिंह यादव दोनों संबंधी हैं. जनता परिवार की कमान भले ही दो लोग संभाल रहे हैं लेकिन सवाल उठता है कि नई पार्टी के म्यान में दो तलवारें नहीं रह सकती हैं. हमारे देश में ऐसे प्रयोग 1980 से किए जा रहे हैं, लेकिन हर बार ऐसी कोशिश विफल ही रही है.
याद रहे कि जनता परिवार के महाविलय की कमान मुलायम सिंह यादव के हाथ में दी गई है.