मुंबई में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां 72 साल के बुजुर्ग ने किराएदारों का परिसर गैरकानूनी तरीके से बेच दिया. इस मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस ने मामले की जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं.
एजेंसी के अनुसार, पुलिस का कहना है कि किराएदार 86 वर्षीय कमलादेवी गुप्ता और 67 वर्षीय नवलकिशोर गुप्ता को कोर्ट ने आदेश दिया था कि वे किराए के मकान को खाली करें, लेकिन शिखरचंद जैन ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह पांच मंजिला इमारत का पुनर्निर्माण कर उन्हें मकान वापस सौंप देगा. शिखरचंद की बातों में आकर किराएदारों को उम्मीद थी कि मकान उन्हें मिल जाएगा. कुछ समय बाद नवलकिशोर गुप्ता को पता चला कि वो परिसर किसी और को बेच दिया गया है.
पुलिस जांच में सामने आया कि शिखरचंद जैन, प्रेमलता जैन, नरेंद्र कुमार हनुमानत्राज सांघवी और हस्तीमल कटारिया ने मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यह सौदा किया. नवंबर 2021 में शिखरचंद जैन और प्रेमलता जैन को संपत्ति का कब्जा दे दिया गया और दो अन्य लोगों को भी इसमें शामिल किया गया.
पुलिस ने चारों आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और महाराष्ट्र किराया नियंत्रण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. हालांकि, अभी सिर्फ शिखरचंद जैन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि बाकी आरोपी फरार हैं. पुलिस अब इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सकता है.