मुंबई के घाटकोपर ईस्ट में शिवाजी नगर जंक्शन बस स्टॉप के पास बेस्ट (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) की एक इलेक्ट्रिक बस ने बाइक सवार को टक्कर मार दी. बस शिवाजी नगर से कुर्ला बस स्टेशन जा रही थी. मृतक की पहचान 25 वर्षीय दीक्षित विनोद राजपूत के रूप में हुई है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बाइक सवार युवक बस के दाहिने ओर पिछले टायर की चपेट में आ गया और उसके सिर में चोट लग गई. उसको अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस मामले में 39 वर्षीय बस ड्राइवर विनोद आबाजी रांखंबे और बस कंडक्टर अविनाश विक्रमराव गीते को गिरफ्तार कर लिया गया है.
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कुछ ही दिन पहले मुंबई के कुर्ला इलाके में एक बेस्ट बस ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया था. उसकी बस ने पैदल यात्रियों और कई वाहनों को टक्कर मार दी थी, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई थी और 40 से अधिक घायल हो गए थे. घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज में खून से लथपथ शव सड़क पर पड़े हुए दिखाई दे रहे थे और अफरा-तफरी के माहौल के बीच आसपास मौजूद लोग घायलों को अस्पताल ले जा रहे थे. बाद में, यह पाया गया कि ड्राइवर को इलेक्ट्रिक बस चलाने का पर्याप्त अनुभव नहीं था और उसे सिर्फ तीन दिन की ट्रेनिंग के बाद ड्यूटी पर लगा दिया गया था.
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दुर्घटना के बाद बस के अंदर मौजूद यात्रियों को खुद को बचाने के लिए खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलना पड़ा. बस के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में ड्राइवर को अपना बैकपैक लेकर जाते हुए देखा गया था. अधिकारियों ने शुरू में कहा कि ब्रेक फेल होने के बाद ड्राइवर संजय मोरे ने बस पर नियंत्रण खो दिया. हालांकि, कुर्ला आरटीओ टीम की जांच में बस के ब्रेक ठीक पाए गए थे. लाइटें भी ठीक काम रही थीं. मोरे को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया, जब यह पता चला कि उन्हें इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चलाने का कोई अनुभव नहीं था.
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यह भी जांच चल रही है कि क्या ड्राइवर ने बस को 'हथियार' के रूप में इस्तेमाल किया और भीड़भाड़ वाले इलाके में लापरवाही से चलाया. बस हैदराबाद स्थित ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक द्वारा निर्मित 12 मीटर लंबी ईवी थी और इसे BEST द्वारा लीज पर ली गई थी. ड्राइवर के घरवालों ने बताया कि वह शराब नहीं पीता. पुलिस ने उसकी डिटेल खंगाली, जिसमें पता लगा कि संजय मोरे को पेट्रोल और डीजल बसें चलाने का एक्सपीरियंस था. उसने अपने करियर में पहले कभी इलेक्ट्रिक बस नहीं चलाई थी. बाद में एक्सपर्ट्स ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों और डीजप पेट्रोल बसों के ब्रेकिंग सिस्टम में काफी अंतर होता है. उन्होंने कुर्ला बस हादसे को मानवीय भूल और प्रशिक्षण की कमी बताया.