मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक में 122 करोड़ रुपये के गबन मामले में वांछित एक कारोबारी के बेटे को गिरफ्तार किया है, पुलिस ने बताया कि EOW ने गुरुवार को 33 वर्षीय मनोहर अरुणाचलम को गिरफ्तार किया, जो इस मामले के फरार आरोपी उन्नाथन अरुणाचलम का बेटा है. यह इस मामले में अब तक चौथी गिरफ्तारी है. पुलिस के मुताबिक, मनोहर अरुणाचलम चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई कर रहा है और मालाड में 'मैगस कंसल्टेंसी' नाम की फर्म भी चलाता है.
गुरुवार शाम को EOW ने उन्नाथन अरुणाचलम उर्फ अरुण के खिलाफ नोटिस जारी कर उसके बारे में जानकारी देने वालों के लिए इनाम की घोषणा की. उन्नतन पर गबन की गई राशि में से 40 करोड़ रुपये लेने का आरोप है. आरोपी उन्नाथन के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया है, ताकि वह देश छोड़कर फरार न हो सके.
बेटे ने की फरारी में मदद
जांच में खुलासा हुआ है कि मनोहर ने अपने पिता को भागने में मदद की थी. जांच में यह भी सामने आया है कि जब उन्नतन अरुणाचलम फरार हुआ, उस वक्त मनोहर उसके साथ ही था. EOW के अधिकारी के मुताबिक, उन्नतन अक्सर मैगस कंसल्टेंसी के दफ्तर में बैठता था. इसी दफ्तर में न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक का गिरफ्तार जनरल मैनेजर और हेड ऑफ अकाउंट्स हितेश मेहता दो बार मिलने आया था.
अधिकारी ने बताया कि हितेश मेहता ने मई 2019 में 15 करोड़ रुपये और अगस्त 2019 में 18 करोड़ रुपये नकद अरुण भाई को इसी दफ्तर में सौंपे थे. इन लेनदेन के दौरान मनोहर भी मौजूद था. 17 फरवरी को मनोहर को अपने पिता के साथ उनके घर के पास देखा गया था. इसके बाद उन्नाथन को ऑटो रिक्शा में बैठकर बोरीवली की ओर जाते हुए देखा गया.
दहिसर से हुई गिरफ्तारी, 4 मार्च तक पुलिस रिमांड
EOW की टीम ने मनोहर अरुणाचलम को उत्तर मुंबई के दहिसर इलाके से गिरफ्तार किया. कोर्ट ने उसे 4 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है.
आरबीआई की जांच में खुला घोटाला
न्यू इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक में यह घोटाला तब सामने आया, जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक के कैश सेफ की जांच की. इसके बाद दादर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया, जिसे बाद में आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दिया गया. अब तक EOW ने इस मामले में मुख्य आरोपी हितेश मेहता, बैंक के पूर्व CEO अभिमन्यु और रियल एस्टेट डेवलपर धर्मेश पौन को गिरफ्तार किया है.