मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से एलिफेंटा के लिए रवाना हुई एक बोट बुधवार को नेवी के जहाज से टकरा गई, जिससे बोट डूब गई. इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मौत हुई. मरने वालों में ठाणे जिले के बदलापुर निवासी नेवी कर्मचारी मंगेश महादेव केलशीकर (33) भी शामिल थे.
मंगेश केलशीकर नेवी में काम करते थे और अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे. उनके परिवार में मां, पत्नी, एक 5 साल का बेटा और पत्नी गर्भवती हैं. मंगेश के अचानक चले जाने से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
बोट हादसे में नेवी कर्मचारी की मौत
यह खबर सुनते ही मंगेश के रिश्तेदार, पड़ोसी और मित्र बड़ी संख्या में बदलापुर स्थित उनके घर पर जमा हो गए. परिवार ने राज्य और केंद्र सरकार से आर्थिक मदद की अपील की है.
मंगेश के पड़ोसी कविता कांसे ने बताया कि मंगेश बहुत अच्छे स्वभाव के थे. उनकी पत्नी गर्भवती हैं और 5 साल का बेटा भी है. अब उनके परिवार का सहारा कोई नहीं बचा. हम सरकार से अपील करते हैं कि उन्हें मदद दी जाए.
परिवार ने सरकार से मांगी आर्थिक मदद
पड़ोस में रहने वाले जया मराठे ने कहा, यह हादसा बेहद हर किसी के लिए बड़ा शॉकिंग हैं. मंगेश हमेशा मदद के लिए तैयार रहते थे. उनके जाने से परिवार अकेला हो गया है. हम चाहते हैं कि सरकार उनकी ज्यादा से ज्यादा मदद करे.
नेवी ने गुरुवार को इस हादसे की जांच के लिए जांच बोर्ड गठित किया है. नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने दुर्घटना में मारे गए लोगों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की.