मुंबई के घाटकोपर में सोमवार को तेज हवाओं और बेमौसम बारिश के कारण एक विशाल बिलबोर्ड गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई और 75 लोग घायल हो गए. बिलबोर्ड गिरने के लगभग 24 घंटे बाद भी एनडीआरएफ की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है.
मुंबई बिलबोर्ड गिरने के मामले में ताजा जानकारी साझा करते हुए एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट निखिल मुधोलकर ने बताया कि घटना स्थल पर गैसोलीन से चलने वाले कटर का उपयोग नहीं कर सकते, क्योंकि घटना स्थल एक पेट्रोल पंप है. इस लिए गैस कटर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
अब तक 89 लोगों को किया रेस्क्यू: NDRF
मंगलवार को एक अधिकारी ने बताया कि बिलबोर्ड के नीचे से अब तक 89 लोगों को निकाला जा चुका है, जिसमें से 14 लोगों की मौत हो गई है और 75 लोग घायल हैं. सभी घायलों को मुंबई और पास के जिले ठाणे के छह अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है.
वहीं, 75 घायलों व्यक्तियों में से अब तक 32 लोगों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. इनमें से पच्चीस लोगों को घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 4 लोक एमजे अस्पताल और तीन को जोगेश्वरी के एचबीटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बीएमसी के एक अधिकारी का कहना है कि राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती घायलों में से एक की हालत गंभीर बनी हुई है.
बीएमसी अधिकारी के मुताबिक, राहत और बचाव ऑपरेशन में दो जेसीबी, दो गैस कटर टीम, 25 एम्बुलेंस के साथ दो हेवी ड्यूटी क्रेन और दो हाइड्रा क्रेन का इस्तेमाल किया जा रहा है. 125 से अधिक कर्मचारी, 75 बीएमसी से संबंधित और 50 मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) के कर्मचारी लगे हुए हैं.
सोमवार को हुए थी घटना
बता दें कि सोमवार शाम को मुंबई में अचानक से मौसम का मिजाज बदल गया और आसमान में घने बादल छाने के बाद धूल भरी आंधी और बारिश शुरू हो गई. आंधी की वजह से शाम 4 बजे घाटकोपर की समता कॉलोनी के रेलवे पेट्रोल पंप पर एक विशाल होर्डिंग आकर गिर गया, जिसके नीचे बड़ी संख्या में लोग दब गए.मौके पर चीख-पुकार मच गई. आनन-फानन में पुलिस और मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच कर स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. इस पूरी घटना के कई वीडियो भी सामने आए हैं.
अधिकारियों ने कहा था कि जिस वक्त ये हादसा हुआ. उस वक्त पेट्रोल पंप के पास 100 से ज्यादा लोग मौजूद थे. उन सभी के नीचे फंसे होने की आशंका है. होर्डिंग के गिरने के बाद वहां चीख पुकार मच गई. स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, NDRF की मदद से राहत और बचाव का काम शरू किया गया.
अवैध था होर्डिंग: BMC
इस घटना के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने एक बयान जारी कर कहा कि बिलबोर्ड का निर्माण उनकी अनुमति के बिना किया गया था. बीएमसी के मुताबिक, उस जगह पर चार होर्डिंग थे और उन सभी को पुलिस आयुक्त (रेलवे मुंबई) के लिए एसीपी (प्रशासन) द्वारा अनुमोदित किया गया था. होर्डिंग्स अवैध था और होर्डिंग लगाने से पहले एजेंसी/रेलवे द्वारा बीएमसी की कोई अनुमति/एनओसी नहीं ली गई थी.
बीएमसी ने होर्डिंग लगाने वाली एजेंसी को नोटिस जारी किया.सोमवार को बीएमसी ने अपने बयान में कहा कि वह अधिकतम 40x40 वर्ग फीट के आकार की होर्डिंग की अनुमति देती है. हालांकि, जो अवैध होर्डिंग गिरा, उसका साइज 120x120 वर्ग फीट था. यानी ये होर्डिंग लगभग 15000 वर्गफीट का था.
पुलिस ने दर्ज की FIR
वहीं, पेट्रोल पंप पर गिरे होर्डिंग को लगाने के मामले में पुलिस ने एगो मीडिया के मालिक और अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है. पुलिस ने एजेंसी के मालिक भावेश भिंडे और अन्य पर आईपीसी की धारा 304 और 337 के तहत मामला दर्ज किया है और मामला की जांच शुरू कर दी है.
होर्डिंग्स का होगा ऑडिट: सीएम शिंदे
घटना के बाद सोमवार को मौके का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अधिकारियों के निर्देश देते हुए कहा कि लोगों को बचाना हमारी प्राथमिकता है. घटना में जो लोग घायल हुए हैं, उनके इलाज का खर्च सरकार उठाएगी. जिन लोगों की जान गई है, उनके परिवार को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे. मैंने संबंधित अधिकारियों को मुंबई में ऐसे सभी होर्डिंग्स का ऑडिट करने का निर्देश दिया है.
भावेश के खिलाफ दर्ज हैं कई मामले
वहीं, घाटकोपर होर्डिग ढहने के मामला में होर्डिंग कंपनी के आरोपी प्रमोटर भावेश भिंडे के खिलाफ पुलिस और बीएमसी में कई मामलों में शिकायत दर्ज है. जनवरी 2024 में मुलुंड थाना पुलिस ने भावेश के खिलाफ बलात्कार का एक मामला दर्ज किया गया था, पुलिस ने भावेश के खिलाफ रेप के मामले में आरोपपत्र भी दायर किया है. उसके खिलाफ बीएमसी ने कई एफआईआर दर्ज कराई हुई हैं.
बता दें कि भावेश ने साल 2009 में मुलुंड से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विधानसभा चुनाव भी लड़ा था. उस वक्त चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में उसने बताया था कि तब उसके खिलाफ 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं. ये सभी मामले मुंबई नगर निगम अधिनियम और चेक बाउंस होने के निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट के तहत हैं. इसके बाद उसने पिछले एक दशक में होर्डिंग और बैनर के लिए कई रेलवे और बीएमसी के कई कॉन्ट्रैक्ट किए और कथित तौर पर बीएमसी और रेलवे के नियमों की अनदेखी की. बीएमसी ने उनके खिलाफ पेड़ों को जहर देने, अवैध पेड़ काटने का मामला दर्ज किया है. ऐसे कई मामले उसके खिलाफ दर्ज हैं.
बैकलिस्ट होने के बाद बनाई नई कंपनी
सूत्रों के अनुसार, पहले भावेश गुजू एड्स के नाम से एक कंपनी चलाता था. बाद में उनकी कंपनी के खिलाफ कई केस दर्ज होने पर बीएमसी ने कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था. इसके बावजूद उसके नई एगो मीडिया के मान के नई कंपनी खोल ली और फिर से होर्डिंग के ठेके लेने लगा.