मुंबई तट पर नौसेना की जहाज और यात्रियों से भरी एक नौका के बीच टक्कर के बाद एक सात साल का बच्चा लापता है. उसकी तलाश शुक्रवार को भी जारी रही लेकिन कुछ पता नहीं चला. बताया जा रहा है कि सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन अगले 72 घंटे तक और चलेगा.
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. बॉडी अब तक रिकवर नहीं किया जा सका है. ये अगले 72 घंटे और जारी रहेगी." बुधवार के हादसे के बाद गुरुवार की शाम एक 43 साल के शख्स का शव बरामद किया गया था, जिसके बाद भयानक हादसे में मरने वालों की संख्या 14 हो गई है.
यह भी पढ़ें: मुंबई बोट हादसा: नेवी कर्मचारी मंगेश केलशीकर की मौत, मासूम बेटे, गर्भवती पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल
नौका से बचाए गए 98 यात्री
यह हादसा गेटवे ऑफ इंडिया से एलीफैंटा आइलैंड के रूट पर हुआ था जो कि अपने प्राचीन गुफाओं के लिए मशहूर है. फेरी पर सवार 100 से ज्यादा यात्रियों में से 98 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था. दो लोग घायल भी हुए. इनके अलावा नौसेना की जहाज पर छह लोग सवार थे, जिनमें दो लोगों को बचाया गया है.
आधिकारिक सूत्र का कहना है कि सर्च और रेस्क्यू (SAR) ऑपरेशन अगले 72 घंटों तक जारी रहेगा. नौसेना के हेलीकॉप्टर और कोस्ट गार्ड जहाज अपनी पूरी क्षमता के साथ तलाशी अभियान में योगदान दे रहे हैं.
फेरी चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज
महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड (MMB) के मुताबिक, फेरी की क्षमता 84 यात्रियों और 6 चालक दल के सदस्यों की थी, लेकिन यह क्षमता से ज्यादा भरी हुई थी. इसको लेकर फेरी चालक के खिलाफ कोलाबा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. इसमें भारतीय न्याय संहिता के धाराओं को शामिल किया गया है जो लापरवाही से मौत का कारण बनने और अन्य खतरनाक गतिविधियों से संबंधित हैं.
यह भी पढ़ें: अस्थमा के इलाज के लिए नासिक से मुंबई आया था राकेश, नाव हादसे में पत्नी और बेटे समेत पूरे परिवार की मौत
नौसेना ने इस हादसे की जांच शुरू की
भारतीय नौसेना ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच शुरू की है ताकि जिम्मेदारियां तय की जा सके और भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके. दुर्घटना के बाद फेरी को दक्षिण मुंबई के भवचा धक्का लाया गया है, और दुर्घटनाग्रस्त नौसेना जहाज फिलहाल नौसेना के पास है, लेकिन पुलिस जांच में जरूरत पड़ने पर इसे पेश किया जाएगा.