scorecardresearch
 

मुंबई: सनराइज अस्पताल में लगी आग पर 12 घंटे बाद भी काबू नहीं, अब तक 9 लोगों की मौत

आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की 20 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं थीं. आग देर रात करीब 11.30 लगी थी, जिस पर सुबह तक काबू नहीं पाया जा सका है. ऐसे में आग कैसे लगी इसकी जांच की जा रही है. 

Advertisement
X
मुंबई के भांडुप में एक अस्पताल में आग लग गई है. (फोटो-ANI)
मुंबई के भांडुप में एक अस्पताल में आग लग गई है. (फोटो-ANI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आग लगने से 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है
  • अस्पताल के मरीजों को दूसरे अस्पताल में किया गया शिफ्ट
  • मौके पर फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियां पहुंची थीं

महाराष्ट्र के मुंबई में एक अस्पताल में देर रात आग लग गई. घटना भांडुप इलाके की है. असल में, यहां स्थित ड्रीम मॉल में भीषण आग लग गई. इस मॉल में तीसरे मंजिल पर एक अस्पताल भी था जहां 70 से अधिक मरीज भर्ती थे. इनमें से ज्यादातर कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज थे. घटना के बाद फायर ब्रिगेड की मदद से अस्पताल के अंदर से सभी मरीजों को निकाल कर दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया गया. 

Advertisement

वहीं मुंबई के अग्निशमन विभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुसार, भांडुप पश्चिम में ड्रीम्स मॉल में मौजूद सनराइज अस्पताल में आग लगने से नौ लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं अभी भी आग पर काबू पाने के लिए राहत कार्य जारी है. इससे पहले बचाव कार्य के दौरान अस्पताल से दो शव भी निकाले गए, लेकिन जिन दो शवों को निकाला गया, उनकी मौत कोरोना की वजह से हुई थी. 

आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की 20 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं थीं. आग देर रात करीब 11.30 लगी थी, जिस पर सुबह तक काबू नहीं पाया जा सका है. ऐसे में आग कैसे लगी इसकी जांच की जा रही है. जानकारी के मुताबिक ड्रीम्स मॉल साल 2009 में बना था. इस मॉल में करीब 1000 छोटी दुकानें, 2 बैंक्वेट हॉल और एक अस्पताल हैं. बता दें कि यहां कोरोना अस्पताल शुरु करने के लिए पिछले साल अस्पताल को कंडीशनल ओसी दिया गया था. हालांकि मॉल विवादीत है और चार साल पहले NCLT ने इसके लिए एक प्रशासक नियुक्त किया था. 

Advertisement

घटना को लेकर मुंबई मेयर ने कहा कि  ''मैंने पहली बार मॉल के अंदर अस्पताल देखा है. आग लगने की वजहों का पता लगाया जा रहा है. कोरोना मरीजों समेत अन्य मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.''

ज्यादातर कोरोना मरीज थे भर्ती

बताया जा रहा है कि अस्पताल में कुल 76 मरीज थे जिसमें से 73 कोरोना मरीज थे और तीन अन्य बीमारी से पीड़ित थे. इनमें से 30 मरीजों को मुलुंड के जंबो सेंटर मेें भर्ती कराया गया है जबकि तीन को फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अन्य मरीजों ने खुद को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया है.

भंडारा में 10 बच्चों की हो गई थी मौत 

इससे पहले, जनवरी में ही महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में आग लगने की घटना में 10 शिशुओं की मौत हो गई थी. 9 जनवरी 2021 को जिला अस्पताल में आग लगने की वजह से दस नवजात बच्चों की मौत हो गई थी. भंडारा जिला अस्पताल की एक स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में आग लगने की वजह से ये हादसा हुआ था.

तड़के करीब 2 बजे आग लगी थी. इस यूनिट में 17 शिशु भर्ती थे जिनकी उम्र एक से तीन महीने के बीच थी. फायर ब्रिगेड सात बच्चों को बचाने में कामयाब रहा था. इस मामले में दो नर्सों के खिलाफ एक्शन लिया गया था जबकि कई अफसरों पर भी कार्रवाई हुई थी. इन्हें आपराधिक लापरवाही का जिम्मेदार ठहराया गया था.

Advertisement

CM ने दिए थे सेफ्टी ऑडिट के आदेश!
फिलहाल, मुंबई के इस अस्पताल में लगी आग का मामला गंभीर माना जा रहा है, क्योंकि महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में लगी आग के मामले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अस्पतालों के सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए थे. यह घटना चिंताजनक इसलिए भी क्योंकि मुंबई के मेयर स्वयं बोल रहे हैं कि उन्हें नहीं पता था कि मॉल के अंदर अस्पताल है. 

(एजाज खान के इनपुट के साथ)
 

 

Advertisement
Advertisement