समुदाय के लोगों के विरोध की वजह से शादी की रस्म को रद्द करने वाला एक हिंदू और मुस्लिम जोड़ा धार्मिक अनुष्ठानों के बाद शादी के बंधन में बंध गया. रासिका अडगांवकर और आसिफ खान की शादी नासिक के एक होटल में हुई. दोनों धर्मों के रीति-रिवाजों से दोनों की शादी संपन्न हुई. 13 जुलाई को, इंडिया टुडे ने एक आर्टिकल में बताया था कि किस तरह 18 जुलाई को होने वाले इस शादी के रिसेप्शन को रद्द करना पड़ा, क्योंकि इस रिसेप्शन का निमंत्रण पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.
कई लोगों ने पेशे से नासिक में ज्वेलर रासिका के पिता प्रसाद को फोन करके रिसेप्शन को रद्द करने की मांग की थी. शादी का विरोध कर रहे लोगों ने इस शादी को लव जिहाद करार दिया था. बाद में प्रसाद ने शादी को रद्द कर दिया था.
मीडिया में इस मुद्दे के सामने आने के बाद कई सामाजिक कार्यकर्ता और नेता प्रसाद के पास पहुंचे थे और उन्हें अपना समर्थन दिया था. राज्य मंत्री बच्चू कडू ने दंपति का समर्थन देते हुए कहा था कि यह लव जिहाद नहीं था. उन्होंने परिवार को बिना शर्त समर्थन का वादा किया और उन्हें शादी के लिए आगे बढ़ने के लिए कहा.
प्रसाद ने कहा, ''लोगों को गलतफहमी थी कि यह लव जिहाद है या जबरन धर्म परिवर्तन है. हमने उन्हें स्पष्ट किया कि ऐसा नहीं है. एक बार जब लोगों को सच्चाई का पता चला तो हमें समर्थन मिला.'' बता दें कि इस जोड़े ने हिंदू और मुस्लिम रीति-रिवाजों से शादी की है.
इससे पहले दोनों ने नासिक के एक कोर्ट में शादी की थी. प्रसाद की बेटी रासिका और खान ने अपने परिवारों को बताया था कि वे शादी करना चाहते हैं. चूंकि दोनों परिवार एक-दूसरे को पिछले कुछ सालों से जानते थे, इसलिए वे शादी करवाने के लिए तैयार हो गए थे.