मुंबई पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने LGBTQ परेड में शनिवार को शरजील इमाम के समर्थन में नारे लगाए थे. क्विर आज़ादी मूवमेंट (QAM) के आयोजकों ने पुलिस को बताया कि जिस ग्रुप ने ऐसे नारे लगाए, वो उसे नहीं जानते.
आयोजकों के बयान रिकॉर्ड करने के बाद पुलिस ऐसे नारे लगाने वालों की तलाश में जुटी है. अभी तक पुलिस ने इस घटना को लेकर कोई केस दर्ज नहीं किया है.
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नारों वाला विवादित वीडियो सामने आने के बाद QAM आयोजन संस्था ने एक बयान जारी किया है. इस बयान में कहा गया है- 'हम अपने को इससे पूरी तरह अलग करते हैं और कड़े शब्दों में कट्टरपंथी नारे लगाने वालों की निंदा करते हैं. साथ ही आयोजन के दौरान भारत की अखंडता के खिलाफ किसी भी तरह के नारे लगाए जाने की भी हम निंदा करते हैं.'
आयोजकों ने बयान में कहा, 'शनिवार को जिन्होंने नारे लगाए हम उन्हें नहीं जानते लेकिन जैसे ही ये बात हमारे नोटिस में आई वैसे ही उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया. हम ये भी जोड़ना चाहते हैं कि इस मामले में कानून पर अमल कराने वाले अधिकारियों को सारी कानूनी प्रक्रिया में हमारी ओर से पूरा सहयोग किया जाएगा. '
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आयोजकों में शामिल सौरभ बोंद्रे ने कहा, 'हमें आयोजन के एक दिन बाद नारों का पता चला जब ये सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे. कुछ नारे हमारी अनुमति के बिना स्टेज से कुछ दूरी पर भी लगाए गए जिन्हें हमने उसी वक्त रोक दिया. हमें तब तक नारों में क्या कहा जा रहा है ये नहीं पता था. मुंबई पुलिस ने कुछ निश्चित शर्तों के साथ हमें परेड निकालने की इजाज़त दी थी. इन शर्तों के बारे में परेड में हिस्सा लेने वालों को पहले ही सोशल मीडिया के जरिए सूचित कर दिया गया था.'
बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने रविवार को मुंबई पुलिस से इस मामले में शिकायत दर्ज करने की मांग की.