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रेलवे ट्रैक पर फंसे मासूम बच्चे को बचाने वाले 'रियल हीरो' मयूर शेलके जरूरतमंद परिवार को देंगे इनाम की रकम

रियल लाइफ हीरो कैसे होते हैं? जवाब है मयूर शेलके जैसे. सेंट्रल रेलवे में पाइंट्समैन के तौर पर तैनात मयूर शेलके ने रेलवे की ओर से मिला 50,000 रुपए का इनाम उसी बच्चे के परिवार को देने का एलान किया है, जिस बच्चे को उन्होंने ठीक ट्रेन आने से पहले 17 अप्रैल को सुरक्षित बचाया था.   

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मयूर शेलके बच्चे के जरूरतमंद परिवार को देंगे इनाम की रकम (फोटो-PTI)
मयूर शेलके बच्चे के जरूरतमंद परिवार को देंगे इनाम की रकम (फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रेल कर्मी ने बचाई थी ट्रैक पर गिरे बच्चे की जान
  • रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर जताया बहादुरी पर गर्व
  • बच्चे के परिवार को इनाम की रकम देने का किया एलान 

महाराष्ट्र के मुंबई में अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पर फंसे बच्चे को बचाने वाले मयूर शेलके की खूब चर्चा हो रही है. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करते हुए मयूर शेलके की इस बहादुरी पर गर्व जताया है, तो वहीं रेलवे वे मयूर को इस बहादुरी के लिए इनाम की घोषणा की है. वहीं मयूर शेलके ने दरियादिली दिखाते हुए इस इनाम की रकम को उस बच्चे के परिवार को देने का एलान किया है, जिसका जीवन उन्होंने बचाया था. मयूर शेलके का कहना है कि बच्चे के परिवार को इस रकम की जरूरत है.  

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मुंबई के नेरल इलाके के रहने वाले शेलके का कहना है कि 6 साल के बच्चे की मां ने बुधवार को उन्हें फोन पर शुक्रिया कहा था. बच्चे की मां दृष्टिहीन है और परिवार के साथ वंगानी में रहती है. शेलके ने आजतक से कहा, “बच्चे की मां गृहणी है और दृष्टिहीन हैं. उनके पति कुछ कमाते होंगे, लेकिन ये परिवार बहुत गरीब है. वो 6 साल के बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ज्यादा कुछ नहीं कर सकते. इसलिए मुझे जो पैसा इनाम में मिलेगा, उस परिवार को सौंप दूंगा.”  

बता दें कि रेलवे की ओर से शेलके को उनकी बहादुरी के लिए 50,000 रुपए इनाम देने का एलान किया गया है. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी एक ट्वीट में शेलके की बहादुरी पर रेलवे की ओर से गर्व जताया था. शेलके का कहना है कि वो रेलवे से पता कर रहे हैं कि कब तक इनाम की राशि उन्हें मिलेगी, जिससे कि वो इसे बच्चे के परिवार को भेज सकें.  

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बता दें वंगानी स्टेशन पर 17 अप्रैल को शेलके ने बच्चे को प्लेटफॉर्म से पटरी पर गिरा हुआ देखा तो ट्रैक पर बहुत तेज दौड़ लगा दी. ठीक उसी वक्त सामने से तेज रफ्तार से ट्रेन आ रही थी. ट्रेन के पहुंचने के कुछ ही सेकेंड पहले शेलके ने बच्चे को सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर चढ़ा कर बचा लिया था. जरा सी भी देर होती तो बच्चे के साथ साथ शेलके की जान को भी जोखिम था. शेलके की बहादुरी पर क्लासिक लीजेंड्स की ओर से उन्हें नई जावा मोटर साइकिल देने का भी बुधवार को एलान किया गया था. 

 

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