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मुंबई किसान रैली: पवार बोले- राज्यपाल के पास कंगना से मिलने का वक्त, किसानों से नहीं

किसानों की इस सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने कहा कि केंद्र ने बिना किसी चर्चा के कृषि कानूनों को पास कर दिया, जो संविधान के साथ मजाक है. अगर सिर्फ बहुमत के आधार पर कानून पास करेंगे तो किसान आपको खत्म कर देंगे, ये सिर्फ शुरुआत है.

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एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार (फाइल फोटो)
एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मुंबई के आजाद मैदान में हजारों की संख्या में किसान जुटे
  • एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने केंद्र पर साधा निशाना
  • किसानों की इस रैली में राज्य के कई नेता पहुंचे हैं

नए कृषि कानून के खिलाफ किसानों का तेवर सख्त है. दिल्ली के बाद मुंबई में किसानों ने तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ आवाज बुलंद की. सोमवार को मुंबई के आजाद मैदान में हजारों की संख्या में किसान जुटे. पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री एवं एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार समेत राज्य के कई नेता भी इस महारैली में शामिल हुए. इस दौरान शरद पवार ने केंद्र पर जमकर निशाना साधा. साथ ही अभिनेत्री कंगना रनौत को भी नसीहत दी.  

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किसानों की इस सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने कहा कि केंद्र ने बिना किसी चर्चा के कृषि कानूनों को पास कर दिया, जो संविधान के साथ मजाक है. अगर सिर्फ बहुमत के आधार पर कानून पास करेंगे तो किसान आपको खत्म कर देंगे, ये सिर्फ शुरुआत है. महाराष्ट्र में कभी ऐसा राज्यपाल नहीं आया, जिसके पास किसानों से मिलने का वक्त नहीं है.

बीते साल सितंबर में राज्यपाल से मिलने पहुंची थीं कंगना रनौत

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एनसीपी सुप्रीमो ने कहा कि देशभर में शांतिपूर्ण तरीके से किसानों का आंदोलन चल रहा है. राज्यपाल के पास कंगना रनौत से मिलने का वक्त है, लेकिन आंदोलन कर रहे किसानों से मिलने का वक्त नहीं है. बता दें कि आजाद मैदान में रैली के बाद किसानों को राजभवन तक मार्च निकालना था, लेकिन सभी किसानों को वहां तक जाने की इजाजत नहीं मिली है. ऐसे में अब कुल 23 किसानों का प्रतिनिधिमंडल ही राजभवन जाएगा और अपनी मांगों को सामने रखेगा. 

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किसानों को कुछ लोग गुमराह कर रहेः फडणवीस

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आजाद मैदान में किसानों की रैली पर कहा है कि कुछ लोग किसानों को गुमराह कर रहे हैं. एनसीपी ने 2006 में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को मंजूरी दी. ऐसे में अगर अब केंद्र भी यही कानून लाया है, तो बुराई क्या है. कांग्रेस को इस दोहरेपन पर जवाब देना चाहिए.

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