scorecardresearch
 

फेसबुक पर दोस्ती, प्यार और फिर भारत टू पाकिस्तान... 11 साल पहले क्या हुआ था मुंबई के सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ ?

कहानी 11 साल पहले यानि 2012 की. जब मुंबई का रहने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर फेसबुक के जरिए बनी गर्लफ्रेंड की खातिर भारत से पाकिस्तान पहुंच गया. लेकिन वहां उसे भारतीय जासूस होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. उसे जेल की सजा सुना दी गई. फिर कैसे वो 6 साल बाद भारत पहुंचा, चलिए इस कहानी को जानते हैं विस्तार से...

Advertisement
X
साल 2012 में भारत से पाकिस्तान पहुंचा था हामिद.
साल 2012 में भारत से पाकिस्तान पहुंचा था हामिद.

प्यार के लिए सरहद पार करके पाकिस्तान से भागकर भारत आई सीमा हैदर की कहानी इन दिनों हर किसी की जुबान पर है. फिलहाल सीमा हैदर मामले की UP ATS जांच कर रही है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक हिंदुस्तानी युवक भी इसी तरह 11 साल पहले अपनी प्रेमिका की खातिर चोरी-छिपे पाकिस्तान पहुंच गया था ?

Advertisement

कौन था वो हिंदुस्तानी युवक, कैसे वो भारत से पाकिस्तान पहुंचा और उसका क्या अंजाम हुआ चलिए जानते हैं विस्तार से पूरी कहानी को...

साल 2011 में मुंबई के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हामिद नेहाल अंसारी की फेसबुक पर एक पश्तून लड़की से दोस्ती हुई. दोस्ती प्यार में बदली और हामिद ने तय कर लिया कि वो कैसे भी करके अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए पाकिस्तान जाएगा. इश्क में लाचार हामिद प्रेमिका से मिलने के लिए पाकिस्तान जाने की योजनाएं बनाने लगा.

हामिद ने अपने परिवार वालों को कहा कि काबुल से उसे नौकरी का ऑफर मिला है. 2012 में वह मुंबई से अफगानिस्तान पहुंचा. फिर छिपते-छिपाते  पाकिस्तान पहुंच गया. यहां हामिद की गर्लफ्रेंड ने उसके ठहरने का इंतजाम किया था. लेकिन हामिद की तकदीर में कुछ और ही लिखा था.

Advertisement

हामिद को सुनाई गई तीन साल की सजा

दरअसल, पाकिस्तान में हामिद को भारतीय जासूस होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया. जांच में यह बातें भी सामने आईं कि उसे पाकिस्तान आने के लिए गर्लफ्रेंड ने फर्जी दस्तावेज उपलब्ध करवाए थे. पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने फर्जी पहचान पत्र रखने के आरोप में हामिद को तीन साल की सजा सुनाई.
                             

फिर हामिद को बचाने के लिए पाकिस्तान के दो ह्यूमन राइट वकील सामने आए. रख्शंदा नाज और दूसरे काजी मोहम्मद अनवर. हामिद का मामला जब इनके सामने पहुंचा को वह काफी बिगड़ चुका था. रख्शंदा नाज और काजी मोहम्मद अनवर को पहली नजर में ही यकीन हो गया कि हामिद निर्दोष है.

पाकिस्तानी वकीलों ने की हामिद की मदद

इसके बाद दोनों ने हामिद के परिवार से बिना एक पैसा लिए इस केस को अपने स्तर पर लड़ा. एक तरफ काजी मोहम्मद अनवर लगातार इस केस में भिड़े रहे और कोर्ट को समझाते रहे कि हामिद जासूस नहीं है. वहीं, रख्शंदा नाज ने कोर्ट के इतर एक मां की तरह हामिद का ख्याल रखा. वे अक्सर जेल में हामिद से मिलने जातीं तो उनके लिए खाने का सामान ले जातीं.

Advertisement

पाकिस्तानी जर्नलिस्टों ने भी की हामिद की मदद

इन दोनों के अलावा सिविल राइट एक्टिविस्टों और अन्य जर्नलिस्टों ने भी काफी मदद की. इनमें एक नाम जर्नलिस्ट जीनत शहजादी का भी रहा. बेटे की रिहाई के लिए हामिद की मां फौजिया ने भी कोशिशें की. उन्होंने जर्नलिस्ट जीनत से भी संपर्क किया. हामिद के केस पर काम करने के दौरान जीनत खुद गायब हो गईं. दो साल बाद जीनत को ढूंढने में कामयाबी मिली थी. बाद में बताया कि जीनत को अगवा कर लिया गया था.

                                       
आखिरकार 6 साल बाद 18 दिसंबर 2018 को हामिद को रिहा कर हिन्दुस्तान भेजा गया. पेशावर की सेंट्रल जेल से छूटने के बाद वतन की धरती पर कदम रखते ही हामिद 'भारत मां कहते हुए जमीन पर लेट गया.

2018 में वापस हिंदुस्तान लौटा हामिद अंसारी

जैसे ही वह जमीन से उठा, 6 साल से बेटे की रिहाई का रास्ता देख रही उसकी मां फौजिया ने उसे गले लगा लिया और बार-बार चूमने लगीं. हामिद ने मां के सामने माना कि गैरकानूनी तौर पर पाकिस्तान जाना उसकी गलती थी.        

पाकिस्तान से भागकर आई थी इकरा जीवानी

Advertisement

बता दें, प्रेम की खातिर इसी तरह इकरा जीवानी नामक पाकिस्तानी लड़की भी फरवरी 2023 में हिंदुस्तानी प्रेमी से शादी करने के लिए भारत आ चुकी है. लेकिन उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया और वापस पाकिस्तान भेज दिया गया था. उसने भारतीय युवक मुलायम सिंह यादव से शादी कर ली थी. जब उसे वापस भेजा जा रहा था तो वह कई बार पुलिस से गुहार लगाती रही कि उसे उसके पति के पास रहने दिया जाए. लेकिन पुलिस वाले भी कानून के आगे मजबूर थे. फिर इकरा को वापस पाकिस्तान भेजना ही पड़ा.

फिलहाल मुलायम सिंह यादव बेंगलुरु की जेल में बंद है. वहीं, यूपी के प्रयागराज के रहने वाले मुलायम की मां आज भी यही गुहार लगाती रहती हैं कि उनके बेटे को छोड़ दिया जाए.

                                    
प्यार की खातिर बांग्लादेश से भारत आई थी कृष्णा            
                        
इकरा ही नहीं, इससे पहले मई 2022 में बांग्लादेश से कृष्णा मंडल नामक युवती भी भागकर हिंदुस्तान आई थी. ताकि वो अपने प्रेमी अभिक मंडल से शादी कर सके. वो छिपते-छिपाते, गहरी नदियों में तैरकर और जंगल के रास्ते पश्चिम बंगाल पहुंची थी. फिर प्रेमी अभिक के साथ उसने कोलकाता के मंदिर में शादी भी कर ली.

Advertisement

लेकिन पुलिस को इसकी भनक लग गई और उन्होंने कृष्णा को गिरफ्तार कर लिया. जिसके बाद तीन महीने तक उसे जेल में रखा गया. फिर वापस बांग्लादेश भेज दिया गया.

Advertisement
Advertisement