महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक आर्यन खान ड्रग केस की जांच कर रहे NCB अधिकारी समीर वानखेड़े पर लगाए गए अपने आरोपों पर कायम है. नवाब मलिक ने रविवार को कहा है कि समीर वानखेड़े ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी ली है. उन्होंने कहा वह समीर वानखेड़े के खिलाफ महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री से शिकायत करेंगे.
बता दें कि नवाब मलिक का आरोप है कि समीर वानखेड़े मुसलमान हैं और उन्होंने अनुसूचित जाति का फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर UPSC की परीक्षा पास की है. महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नवाब मलिक ने कहा है कि समीर वानखेड़े ने एक गरीब अनुसूचित जाति के व्यक्ति की नौकरी छीन ली है.
जन्म से मुसलमान हैं वानखेड़े
नवाब मलिक ने कहा, "समीर वानखेड़े ने धर्म परिवर्तन नहीं किया है ये हम जानते हैं क्योंकि वो जन्म से मुसलमान है, उनके पिता ने धर्म परिवर्तन किया था." उन्होंने कहा कि हम अपने अधिकारों के तहत महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय को पत्र लिखेंगे, स्क्रूटनी कमेटी को पत्र लिखेंगे और बताएंगे कि समीर वानखेड़े अपने SC सर्टिफिकेट में फर्जीवाड़ा करके नौकरी हासिल की है." उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई किसी धर्म और जाति के खिलाफ नही है.
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के वाइस चेयरमैन पर भी हमला
बता दें कि नवाब मलिक आर्यन खान की गिरफ्तारी के बाद से ही NCB ऑफिसर समीर वानखेड़े पर हमला कर रहे हैं. नवाब मलिक ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के वाइस चेयरमैन अरुण हालदार पर भी हमला बोला है. महाराष्ट्र के मंत्री ने कहा कि अरुण हालदार अपने पद की गरिमा का पालन करें. हमारी लड़ाई जाति और धर्म के खिलाफ नहीं बल्कि धोखाधड़ी के खिलाफ है.
आयोग से वानखेड़े को क्लीन चिट
गौरतलब है कि नवाब मलिक द्वारा आरोप लगाए जाने के बाद एनसीबी जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के वाइस चेयरमैन अरुण हालदार से मुलाकात की थी और उन्हें एक आवेदन दिया था.
अरुण हालदार ने इस आवेदन पर विचार करने के बाद कहा था कि उनकी नजर में समीर वानखेड़े अनुसूचित जाति से आते हैं. अरुण हालदार ने कहा, "उनकी शिकायत सुनने के बाद मुझे लगता है कि वह अनुसूचित जाति से हैं. उन्होंने धर्मांतरण के किसी भी आरोप से भी इनकार किया है.
बता दें कि समीर वानखेड़े कहते हैं कि वे अनुसूचित जाति से आते हैं. उन्होंने इसी कोटे में UPSC की नौकरी हासिल की है.