NCP (अजित पवार गुट) के एमएलसी अमोल मिटकरी ने महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी को लेकर बड़ा दावा किया है. अमोल मिटकरी के दावे के अनुसार राज्य में महाविकास अघाड़ी गठबंधन अभी और टूटेगा. एनसीपी नेता ने दावा किया है कि कांग्रेस के सात विधायक और शरद पवार गुट के पांच विधायक उनके संपर्क में हैं और लेकसभा चुनाव से पहले इनकी एंट्री एनसीपी में हो जाएगी. उन्होंने कांग्रेस के विधायकों के नाराजगी का कारण पार्टी का जमीन पर काम न करना बताया है.
अजित पवार की पत्नी के बारामती सीट से चुनाव लड़ने पर अमोल मिटकरी ने कहा कि पार्टी वैसा ही करेगी जैसा अजित पवार कहेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का मानना है कि सुनेत्रा को चुनाव लड़ना चाहिए. उन्होंने जमीन पर बहुत काम किया है. अजित पवार के भतीजे द्वारा शरद पवार को समर्थन करने को लेकर पूछे जाने पर मिटकरी ने कहा कि उन्होंने उनका नाम ही पहली बार सुना है. मिटकरी ने कहा कि "युगेंद्र-जोगेंद्र राजनीति में कोई मायने नहीं रखते" बल्कि मायने यह रखता है कि अजीत पवार ने क्या किया है.
एनडीए में सीट बटवारे को लेकर अमोल मिटकरी का कहना था कि उनकी पार्टी को लोकसभा में 10 सीटें मिलनी चाहिए. यह कहना जल्दबाजी होगी कि एनसीपी को केवल चार सीटें मिल रही हैं.
अजित पवार के भतीजे करेंगे शरद पवार का समर्थन
उधर दूसरी ओर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के भतीजे बारामती में सुप्रिया सुले के लिए प्रचार कर सकते हैं. एनसीपी में टूट के बाद यह पहली बार है कि कोई नया पवार राजनीति में उभर रहा है, और शरद पवार का समर्थन कर रहा है. अजित पवार के भतीजे युगेंद्र पवार ने बुधवार को बारामती में सांसद सुप्रिया सुले के प्रचार कार्यालय का दौरा किया था.
इस दौरान उन्होंने शरद पवार गुट के कार्यकर्ताओं से बात करने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया था. युगेंद्र पवार अजित पवार के भाई श्रीनिवास पवार के बेटे हैं. वह फिलहाल राजनीति में सक्रिय नहीं हैं, लेकिन अब उन्होंने संकेत दिया है कि वो सुप्रिया सुले के लिए प्रचार करेंगे.
स्पीकर के फैसले से लगा था शरद पवार गुट को झटका
इससे पहले एनसीपी विधायकों की अयोग्यता मामले में महराष्ट के स्पीकर राहुल नार्वेकर के फैसले से शरद पवार गुट को करारा झटका लगा था. स्पीकर ने अजित पवार गुट को ही असली एनसीपी बताया था. स्पीकर ने अपने फैसले में कहा था कि निर्विवाद रूप से अजित पवार के पास 41 विधायकों का विधायी बहुमत है. स्पीकर ने अपना फैसला सुनाते हुए यह अहम टिप्पणी की थी.
चुनाव आयोग ने भी अजित गुट को ही ठहराया था असली NCP
इससे पहले 6 फरवरी को भी चुनाव आयोग के फैसले में शरद पवार को ही बड़ा झटका लगा था. कारण था कि चुनाव आयोग ने भी अजित गुट को ही असली एनसीपी करार दिया था. चुनाव आयोग ने कहा था कि तमाम सबूतों के मद्देनजर ये फैसला लिया गया है. चुनाव आयोग का कहना था कि अजित पवार गुट को एनसीपी का नाम और चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने का अधिकार है. हालांकि आयोग ने शरद पवार को नई पार्टी के गठन के लिए तीन नाम देने को कहा था.