कोरोना काल ने काफी कुछ बदल दिया है. बाजार में आजकल दुकानों के बाहर एक बोर्ड लगा नजर आता है- नो मास्क ,नो एंट्री. महाराष्ट्र में अब सत्ताधारी गठबंधन महा विकास अघाड़ी के घटक दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने भी कुछ इसी तर्ज पर अभियान चलाने का ऐलान किया है. एनसीपी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा है कि आगामी चुनाव में 'नो मास्क, नो टिकट' अभियान लागू किया जाएगा.
महानगर पालिका चुनाव में इसका उपयोग किए जाने की जानकारी सांसद सुप्रिया सुले ने दी है. सांसद सुप्रिया सुले ने जिलाध्यक्ष को आगामी चुनाव में ये अभियान शुरू करने के लिए कहा है. सुप्रिया सुले एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पुणे जिले के इंदापुर तालुका के सपकलवाड़ी गांव में पहुंची थीं. पिछले कुछ महीनों से कोरोना की वजह से लागू लॉकडाउन के बाद अब फिर से राजनीतिक कार्यक्रमों का आयोजन होने लगा है.
इन सियासी आयोजनों में कार्यकर्ता और पदाधिकारी बिना मास्क के नजर आ रहे हैं. एनसीपी की ओर से कई बार इसे लेकर निर्देश दिए गए लेकिन पदाधिकारियों के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है.
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इसे देखते हुए सांसद सुप्रिया सुले ने अब पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रदीप गरटकर को निर्देश दिए हैं कि आगामी कार्यक्रम में पदाधिकारी बिना मास्क के नजर आएं तो उन्हें जिला परिषद और स्थानीय निकाय चुनाव के लिए टिकट न दें.
सुप्रिया सुले ने कहा कि आपने पिछले डेढ़ साल में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का चेहरा नहीं देखा होगा क्योंकि डेढ़ साल से उनका मास्क उतरा नहीं है. जिलाध्यक्ष से मेरा निवेदन है कि आने वाले चुनाव में एनसीपी का टिकट उन कार्यकर्ताओं को न दें जिनकी तीन बार बिना मास्क तस्वीरें सामने आएंगी. सुले ने केंद्र सरकार की भी आलोचना की और कहा कि सांसद निधि में भी कटौती की गई है.