बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा को जमानत देने से इनकार कर दिया है. उन पर मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी कार खड़ी करने और कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था.
जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस आरएन लड्ढा की पीठ ने सोमवार को कहा कि हम उनकी (शर्मा) याचिका खारिज करते हैं. हमने इस मामले को लेकर एनआई के साथ विचार मंथन किया है.
प्रदीप शर्मा कई बीमारियों से जूझ रहे हैं. उन्हें बीते कुछ महीनों से डॉक्टरों की देखरेख में पुणे के सासून अस्पताल में भर्ती किया गया है. शर्मा पर मुंबई के बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को जानकारी देना और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराने का आरेप है.
बता दें कि हाईकोर्ट ने एक महीने पहले शर्मा की जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था. शर्मा 2019 से मुंबई पुलिस की सेवा से रिटायर हो गए थे और उसके बाद वह राजनीति में शामिल हो गए थे.
बता दें कि 25 फरवरी 2021 को मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर जिलेटिन की छड़ों से लदी एक कार बरामद की गई थी. इस मामले की जांच जब मुंबई पुलिस से लेकर एनआईए को सौंपी गई थी तब सचिन वाजे ने कथित तोर पर अपने अधीन कर्मचारियों को सबूत नष्ट करने का आदेश दिया था.
NIA की दलीलों को निराधार बताते हुए पीठ ने कहा कि पूरी चार्जशीट में एक भी बयान नहीं है. यह नहीं बताया गया है कि काजी ने स्वयं जब्त किए गए किसी भी सबूत को नष्ट कर दिया है. अदालत ने आगे कहा ऐसा प्रतीत होता है कि काजी को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि सचिन वाजे सबूतों को नष्ट करने जा रहा था या वाजे मनसुख हिरेन की हत्या में और जिलेटिन की छड़ें मिलने वाले मामले में शामिल था.