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महाराष्ट्र: महाविकास अघाड़ी में बड़ा भाई-छोटा भाई कौन? कांग्रेस नेता बोले- हम ट्रिपलेट

महाराष्ट्र के अंदर MVA गठबंधन में बड़े भाई और छोटे भाई के सवाल पर कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण का बयान आया है. उन्होंने कहा है कि इस गठबंधन में कोई भी बड़ा भाई या छोटा भाई नहीं है. यहां हम सभी ट्रिपलेट हैं.

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मीटिंक के दौरान चर्चा करते महाविकास अघाड़ी के नेता. (फाइल फोटो)
मीटिंक के दौरान चर्चा करते महाविकास अघाड़ी के नेता. (फाइल फोटो)

महाराष्ट्र में विपक्ष की भूमिका निभा रहे महाविकास अघाड़ी में बड़े भाई और छोटे भाई की भूमिका कौन निभाएगा. इस बात को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं. MVA गठबंधन में फिलहाल कांग्रेस के अलावा एनसीपी और शिवसेना-UBT (उद्धव गुट) शामिल हैं.

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बड़े भाई और छोटे भाई के सवाल पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि कांग्रेस, शिवसेना-UBT और एनसीपी तीनों ही ट्रिपलेट (triplet) की तरह हैं. तीनों एक दूसरे के सहयोगी हैं. बता दें कि एक साथ जन्म लेने वाले तीन बच्चों को ट्रिपलेट कहा जाता है.

बंटवारे पर अभी फैसला नहीं

अशोक चव्हाण 2024 के आम चुनाव के सिलसिले में कांग्रेस नेताओं की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने आगे कहा कि एमवीए के घटक दलों ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे के फॉर्मूले पर फैसला नहीं किया है.

कर्नाटक की जीत ने किया प्रेरित

अशोक चव्हाण से जब यह सवाल किया गया कि क्या एमवीए कोई बड़ा भाई या छोटा भाई है तो इसके जवाब में चव्हाण ने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है. तीनों ही पार्टियां ट्रिपलेट हैं. उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए कर्नाटक चुनावों में कांग्रेस की जोरदार जीत ने एमवीए को 2024 के चुनावों में सत्ता पर काबिज भाजपा को मिलकर चुनौती देने के लिए प्रेरित किया है.

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जो जहां मजबूत, वहां लड़े चुनाव

चव्हाण ने कहा कि महाराष्ट्र कांग्रेस ने अगले साल होने वाले चुनाव के लिए शुरुआती स्तर की बातचीत शुरू कर दी है. निर्वाचन क्षेत्र के हिसाब से फिलहाल कांग्रेस की बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है. हम 2 और 3 (जून) को मुंबई में जिलेवार पार्टी मीटिंग बुलाएंगे. लेकिन जो पार्टी (एमवीए पार्टनर) किसी विशेष क्षेत्र में मजबूत है, उसे उस सीट पर चुनाव लड़ना चाहिए.

पहले से बेहतर ही होगी स्थिति

उन्होंने आगे कहा कि राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से भाजपा ने 2019 में 23 पर जीत हासिल की थी. तत्कालीन अविभाजित शिवसेना की 18 सीटें थीं, एनसीपी ने 4 सीटें जीती थीं और कांग्रेस को एक सीट मिली थी. पिछली बार हमने 26 लोकसभा सीटों (महाराष्ट्र में) पर चुनाव लड़ा था. लेकिन इस बार स्थिति पिछली बार से बेहतर होगी. बता दें कि लोकसभा चुनाव के अलावा अगले साल के अंत में महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने हैं.

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