महाराष्ट्र में खसरा नाम की बीमारी ने प्रशासन की टेंशन बढ़ा दी है. मुंबई, नासिक और नागपुर के बाद अकोला में भी खसरा के 16 संदिग्ध मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है. इन 16 संदिग्ध मरीजों का सैंपल जांच के लिए मुंबई के लैब में भेजा गया है. स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है.
अकोला में खसरा के मरीज पाए जाने से चिंता का कारण बन चुका है. बताया जा रहा है कि 10 और ग्रामीण इलाकों में खसरा के मरीज मिलने की संभावना है. वहां से लोगों की शिकायतें आ रही हैं. अभी जो मरीज मिले हैं, वो नगर निगम इलाके में पाए गए हैं. अकोला सिविल सर्जन के मुताबिक, इन सभी संदिग्धों के सैंपल मुंबई स्थित लैब में भेजे गए हैं.
इन 16 मरीजों में खसरे के लक्षण पाए गए हैं जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों को खसरे का टीका लगाने की अपील की है. खसरा जैसे लक्षण दिखने पर तत्काल सरकारी या निजी अस्पताल में जाकर जांच करवाने की अपील की गई है.
बता दें कि हाल ही में झारखंड, गुजरात और केरल में तेजी से खसरा के मरीज बढ़ने की बात सामने आई है. इस पर केंद्र सरकार ने डॉक्टरों की स्पेशल टीम भेजी है. केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने रांची (झारखंड), अहमदाबाद (गुजरात) और मलप्पुरम (केरल) में 3 सदस्यीय टीमों को तैनात करने का निर्णय लिया है. ये टीमें सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को स्थापित करने में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरणों की सहायता करेंगी.
दरअसल, ये बीमारी तेजी से बच्चों में फैल रही है. जिसके कारण कई बच्चों की मौत भी हो चुकी है. रांची जाने वाली केंद्रीय टीम में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), नई दिल्ली और राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएलएच), नई दिल्ली के विशेषज्ञ शामिल हैं. PHO, मुंबई, कलावती सरन चिल्ड्रेन हॉस्पिटल (KSCH), नई दिल्ली और क्षेत्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण कार्यालय (RoHFW), अहमदाबाद के विशेषज्ञ अहमदाबाद जाने वाली केंद्रीय टीम में शामिल होंगे और मलप्पुरम की टीम में RoHFW, तिरुवनंतपुरम, जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER), पांडिचेरी और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (LHMC), नई दिल्ली के विशेषज्ञ शामिल होंगे.
क्या है खसरा?
खसरा बच्चों में पाए जाने वाला एक सीरियस वायरल इंफेक्शन है. भारत में खसरे के लिए टीकाकरण किया जाता है. मुंबई में अचानक ही इस बीमारी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है. इसीलिए एक्सपर्ट पैनल का गठन किया गया है. बताते चलें कि खसरा संक्रमित व्यक्ति के खांसने छींकने या उसकी त्वचा में संपर्क में आने से भी फैलता है. जब ये वायरस किसी को अपनी चपेट में लेता है तो उसे बुखार, शरीर पर चकत्ते, कान में संक्रमण, दस्त औरन निमोनिया जैसी बीमारियां घेर लेती हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक संक्रमण दस दिनों तक रह सकता है. इस गंभीर बीमारी से कई बच्चों की मौत भी चुकी है.