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पालघर में सांसद के फर्जी लेटरहेड से करोड़ों का प्रोजेक्ट पास कराने की सिफारिश, गिरफ्तार

पालघर में फर्जीवाड़े का एक हाई प्रोफाइल केस सामने आया है. जिसमें जिला परिषद सदस्य को सांसद का फर्जी लेटर हेड पर नकली साइन करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. आरोपी ने सांसद के फर्जी साइन कर 10 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दे दी थी.

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सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

महाराष्ट्र के पालघर में जिला परिषद सदस्य को सांसद का फर्जी लेटर हेड पर नकली साइन करने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया है. आरोपी ने सांसद के फर्जी साइन कर 10 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दे दी थी.

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वरिष्ठ निरीक्षक संजय ब्रम्हणे ने बताया कि सांसद राजेंद्र गावित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष हबीब शेख को धोखाधड़ी और जालसाजी करने के मामले में अरेस्ट किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि शेख ने कथित तौर पर जिले के लिए 10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दिलाने के लिए सांसद के लेटरहेड और उनके हस्ताक्षर में फर्जीवाड़ा किया था. 

मामले का खुलासा तब हुआ, जब इन कार्यों को गावित के पास भेजा गया. उन्हें आश्चर्य हुआ क्योंकि उन्होंने कभी भी इन कार्यों की अनुशंसा नहीं की थी. अधिकारी ने बताया कि इसके बाद वह जालसाजी की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे.

इससे पहले भी नेताओं के साथ फर्जीवाड़े के मामले सामने आ चुके हैं. 12 मई 2022 को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद और सूर्या कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राजू बिस्ता (Raju Bista) के साथ बड़ा साइबर फ्रॉड हो गया था. सांसद का नाम लेकर कंपनी के खाते से ही 10 लाख रुपये उड़ा दिए गए थे. 

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दरअसल, सूर्या कंपनी के सीजीएम को किसी अंजान नंबर से वॉट्सऐप पर मैसेज आया था. मैसेज में पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया था. साइबर ठग इतने शातिर थे कि उन्होंने वॉट्सऐप पर राजू बिस्ता (Raju Bista) की तस्वीर लगाई हुई थी. इस वजह से सीजीएम को लगा कि 10 लाख रुपये राजू बिस्ता मांग रहे हैं, इसलिए बिना किसी शक के उन्होंने पैसा ट्रांसफर कर दिया. बाद में पता चला है कि बैंक के रिलेनशिप मैनेजर को भी सांसद के पीए के नाम से फोन किया गया था. 

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