महाराष्ट्र काडर की बर्खास्त ट्रेनी IAS पूजा खेडकर ने पुणे के जिला कलेक्टर सुहास दिवसे के खिलाफ उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था. पुणे पुलिस अब डीएम सुहास दिवसे के खिलाफ ये केस बंद कर सकती है. शहर के शीर्ष पुलिस अधिकारी के अनुसार पूजा खेडकर स्थानीय पुलिस के साथ सहयोग नहीं कर रही हैं, पूजा से संपर्क भी नहीं हो पा रहा है. पुलिस के मुताबिक अगर शिकायतकर्ता गंभीर नहीं है, तो हम आगे नहीं बढ़ पाएंगे. शीर्ष प्रशासनिक सूत्रों ने पुष्टि की कि प्राथमिक रिपोर्ट महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को सौंप दी गई है, इसलिए पुणे के कलेक्टर के खिलाफ पूजा के आरोपों में जांच करने के लायक कुछ भी नहीं है.
मुख्य सचिव को लिखे पत्र में सुहास दिवसे ने पूजा खेडकर की मांगों का जिक्र किया था. पूजा खेडकर ने कलेक्टर कार्यालय से विशेष सुविधाओं की मांग की थी. जो किसी प्रोबेशन अधिकारी को नहीं मिलतीं.
लंबे विवाद के बाद पूजा खेडकर की उम्मीदवारी को संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) ने रद्द कर दिया था. इसके साथ ही यूपीएससी ने पूजा को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया है, इसका मतलब ये कि पूजा खेडकर भविष्य में कभी UPSC की परीक्षा में नहीं शामिल हो सकेंगी. यूपीएससी ने उन्हें नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया, जिसके बाद उन पर ये एक्शन लिया गया था. हालांकि पूजा खेडकर ने यूपीएससी के एक्शन के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
पूजा खेडकर की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने UPSC से कहा कि 2 दिनों के भीतर उनकी नियुक्ति रद्द करने का आदेश उपलब्ध कराए. इस पर यूपीएससी के वकील ने कोर्ट में कहा कि पूजा खेडकर को 2 दिनों के भीतर उनकी ईमेल आईडी और उनके ज्ञात पते पर आदेश भेज दिया जाएगा. वहीं, हाईकोर्ट ने पूजा खेडकर को उचित फोरम पर अपील करने की इजाजत दी.