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पोर्श कार हादसे की जांच में पुणे पुलिस कमिश्नर की भूमिका थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे कार्रवाई की जाए: देवेंद्र फडणवीस

फडणवीस ने माना कि 'न्याय खरीदने के लिए धन के उपयोग की बात सामने आई है.' लेकिन साथ ही कहा कि इसकी इजाजत नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'इसकी अनुमति नहीं होनी चाहिए. हमें देखना होगा कि कानून को और कैसे मजबूत किया जा सकता है.

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देवेंद्र फडणवीस- फाइल फोटो
देवेंद्र फडणवीस- फाइल फोटो

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि पोर्श कार हादसे की जांच में पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार की सक्रिय भूमिका रही और ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है जिससे लगे कि उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

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फडणवीस ने पुणे के कार हादसे पर सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से हुई चर्चा के दौरान यह बात कही. चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने पुणे पुलिस आयुक्त के इस्तीफे की मांग की थी.

फडणवीस ने माना कि 'न्याय खरीदने के लिए धन के उपयोग की बात सामने आई है.' लेकिन साथ ही कहा कि इसकी इजाजत नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'इसकी अनुमति नहीं होनी चाहिए. हमें देखना होगा कि कानून को और कैसे मजबूत किया जा सकता है. मुद्दा गंभीर है लेकिन पुणे पुलिस को बदनाम करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने मामले में कार्रवाई की है. दोषी पुलिस अधिकारियों को दंडित किया गया है.'

फडणवीस ने कहा कि पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार की घटना की जांच में सक्रिय भूमिका थी और इस तरह की कोई बात नहीं है कि उनके खिलाफ कार्रवाई हो. 19 मई की सुबह पुणे के कल्याणी नगर इलाके में तेज रफ्तार पोर्श ने बाइक को कुचल दिया, जिसमें दो सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स की जान चली गई. पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना के समय 17 वर्षीय नाबालिग नशे की हालत में था. मामले के संबंध में कथित तौर पर कर्तव्यहीनता के लिए यरवदा पुलिस स्टेशन से जुड़े दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. 

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पुलिस ने आरोप लगाया है कि किशोर के रक्त के नमूनों को उसकी मां के नमूनों से बदल दिया गया था, ताकि यह दिखाया जा सके कि वह नशे में नहीं था. नमूने बदलने के मामले में नाबालिग के माता-पिता और राज्य संचालित ससून जनरल अस्पताल के दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है.

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